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एक्यूट किडनी इंजरी (Acute Kidney Injury) एक गंभीर और दुर्लभ चिकित्सा स्थिति है। इसमें किडनी अचानक फिल्ट्रेशन और टॉक्सिंस बाहर निकालने की क्षमता खो देती है। यह समस्या कुछ घंटों या दिनों में विकसित हो सकती है। कई बार अनुपचारित रहने या देर से उपचार करने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, कुछ उपचार विकल्पों से एक्यूट किडनी इंजरी की समस्या से बचा जा सकता है। इस ब्लॉग में हम एक्यूट किडनी इंजरी के लक्षण, कारण और उपचार समेत जरूरी विषयों पर चर्चा करेंगे।
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पुनर्नवा- यह आयुर्वेदि औषधि फाइबर, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स और ड्यूरेटिक गुणों से भरपूर होती है। इनसे सूजन कम होती है और शरीर डिटॉक्स होता है, जिससे किडनी की कार्यप्रणाली बेहतर होती है।
गोक्षुर- गोक्षुर में मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं, टॉक्सिंस को निकालते हैं और शरीर में तरल की मात्रा को संतुलित करते हैं।
वरुण- इसमें फ्लेवोनॉयड्स, एल्कलॉइड्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह तत्व किडनी को डिटॉक्स करते हैं और किडनी की कार्यक्षमता को सुधारते हैं, जिससे किडनी का स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है।
कासनी- यह फाइबर, टैनिन्स, फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स में उच्च होती है। साथ ही इसमें डिटॉक्सीफाइंग गुण होते हैं। यह शरीर से टॉक्सिंस को निकालते हैं और सूजन को नियंत्रित करते हैं, जिससे इंफेक्शन का जोखिम कम हो सकता है।
गिलोय- गिलोय में टैनिन्स, आयरन, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। इनसे शरीर डिटॉक्स, सूजन नियंत्रित, इम्यूनिटी मजबूत और इंफेक्शन की कम करने जैसे फायदे प्राप्त हो सकते हैं।
वच- वच के फ्लेवोनॉयड्स, एल्कलॉइड्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं। साथ ही इन तत्वों से अपशिष्ट पदार्थ शरीर से बाहर निकलते हैं और आपके पाचन में सुधार होता है।
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FEB 23,2022 - FEB 22,2025