टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में पाया जाने वाला एक प्राइमरी मेल सेक्स हॉर्मोन है, ये हॉर्मोन सेक्सुअल डेवलपमेंट, हड्डियों की डेंसिटी और ओवरॉल एनर्जी लेवल में एक बहुत ज़रुरी रोल निभाता है। ये टेस्टोस्टेरोन पुबर्टी के समय दिखाई देता है, ये पुरुषों में सेक्सुअल ग्रोथ, भारी आवाज़ और मांसपेशियों के विकास के लिए ज़िम्मेदार होता है। और टेस्टोस्टेरोन की कुछ मात्रा महिलाओं में भी पाई जाती है। आज इस आर्टिकल में हम टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा के बारे में बात करेंगे साथ ही इसके कम होने के कारण और लक्षणों पर भी ध्यान देंगे।
टेस्टोस्टेरोन कम होने के कारण
टेस्टोस्टेरोन कम होने के लक्षण
- थकान और कमज़ोरी
- मूड स्विंग
- डिप्रेशन
- लो सेक्स ड्राइव
- मांसपेशियों में ताकत की कमी
- नींद की समस्या
- एकाग्रता की कमी
- हेयर लोस
- स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी में कमी
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टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा
- शिलाजीत
- अश्वगंधा
- सफ़ेद मुसली
- च्यवनप्राश
- गोखरू
1. शिलाजीत

शिलाजीत, टेस्टोस्टेरोन और स्टैमिना बढ़ाने के लिए एक प्रमुख उपाय है, क्योंकि शिलाजीत में प्रमुख रूप से fulvic acid होता है जो अप्रत्यक्ष रूप से स्टैमिना बढ़ाने का काम करता है। जो टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में भी सहायक होता है, ये स्पर्म काउंट को बढ़ाने में भी मदद करता है जो रिप्रोडक्टिव प्रोडक्शन के लिए ज़रुरी है।
जानकारी - शिलाजीत का सेवन करते वक़्त इसकी मात्रा का ध्यान रखना बहुत ज़रुरी है क्योंकि इसका ओवरडोज़ होने से बचें क्योंकि ये ब्लडप्रेशर और पाचन तंत्र में प्रेशर डाल सकता है।
2. अश्वगंधा

अश्वगंधा स्ट्रेस कम करने, इम्युनिटी बढ़ाने और टेस्टोस्टेरोन लेवल को बेहतर करने में मदद करता है, क्योंकि ये स्ट्रेस हॉर्मोन को कम करता है क्योंकि जब बॉडी स्ट्रेस में होती है उस समय ध्यान कहीं और नही लग पाता है, अश्वगंधा का इस्तेमाल करना सेक्सुअल हेल्थ और इंटरेस्ट में पहले से काफी अच्छे बदलाव भी ला सकता है।
जानकारी - अश्वगंधा का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन करना हाई ब्लडप्रेशर या शुगर पेशेंट के लिए समस्या का कारण बन सकता है इसलिए सबसे पहले चिकित्सक से सलाह लें।
3. सफ़ेद मुसली

सफ़ेद मुसली में प्रक्रतिक adaptogen के रूप में ले सकते हैं जो आपके मूड पर काफी फर्क डालता है जिस वजह से ये सेक्स से जुडी बहुत सी समस्याओं में मदद करता है ये ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता है।
जानकारी - सफ़ेद मुसली को ज़्यादा मात्रा में लेना पाचन तंत्र एमिन समस्या का कारण बन सकता है इसलिए हमेशा इन्हें सही मात्र में ही लें कोई भी संका या परेशानी में चिकित्सक से ज़रूर सम्पर्क करें।
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4. च्यवनप्राश

च्वनप्राश एक आयुर्वेदिक दवा है जो बहुत सी जड़ी बूटियां का मिश्रण होता है, इससे एनर्जी और इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। टेस्टोस्टेरोन पर इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है, ये स्टैमिना और एनर्जी बढाता है और इसके एंटीऑक्सीडेंट स्ट्रेस को भी कम करते हैं साथ ही पाचन क्रिया में भी मदद करता है।
जानकारी - इसका इस्तेमाल लम्बे समय से और रोज़ाना करें तभी इसके फायदे आपको नाराज़ आ सकते हैं।
5. गोखरू

गोखरू एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि है जिसमें बहुत से गुण होते हैं, इसमें बायोएक्टिव कंपाउंड protodioscin होते हैं। जो टेस्टोस्टेरोन लेवल को नेचुरल तरीक़े से बूस्ट करता है, ये नाइट्रिक ऑक्साइड का प्रोडक्शन भी बढाता है, ये प्रोसेस रिप्रोडक्टिव ओर्गंस तक बेहतर ब्लड सर्कुलेशन करता है जिससे लिबिडो भी एन्हांस होता है।
जानकारी - गोखरू का सेवन करते समय आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना बहुत ज़रुरी है और इसको लेते समय हाइड्रेशन का भी पूरा ख्याल रखें।
निष्कर्ष
आज इस आर्टिकल में हमने जाना टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की दवा पर ध्यान रहें की आप केवल दवाओं पर ही निर्भर न रहें इसके अलावा अपने लाइफस्टाइल में अच्छी नींद, एक्सरसाइज और अच्छी डाइट भी होना बहुत ज़रुरी है इसलिए समय पर चिकित्सक से भी सलाह ज़रूर लें और एसे ही हेल्थ रिलेटेड आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहे आयु कर्मा के साथ।
Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.