गुर्दे की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज क्या है
आज के समय में गुर्दे की पथरी एक आम समस्या बनती जा रही है। यह समस्या गलत खान-पान, कम पानी पीने और अनियमित जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही है। पथरी होने पर व्यक्ति को तेज दर्द, पेशाब में जलन और कई बार संक्रमण जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आयुर्वेद में पथरी का इलाज जड़ से करने पर ध्यान दिया जाता है, जिससे पथरी को धीरे-धीरे गलाकर शरीर से बाहर निकालने और दोबारा बनने से रोकने में मदद मिलती है। आज इस आर्टिकल में हमने गुर्दे की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज क्या है इस विषय में बात करी है।
गुर्दे की पथरी क्या होती है और यह कैसे बनती है?
गुर्दे की पथरी एक कठोर पदार्थ होता है, जो शरीर में मौजूद कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड और अन्य मिनरल्स के जमा होने से बनता है। जब ये तत्व पेशाब के साथ बाहर नहीं निकल पाते, तो धीरे-धीरे क्रिस्टल बनकर पथरी का रूप ले लेते हैं।
मुख्य कारण:-
गुर्दे की पथरी होने के मुख्य कारण क्या हैं?
पथरी बनने के पीछे कई जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी कारण जिम्मेदार होते हैं।
मुख्य कारणों में शामिल हैं:-
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कम पानी पीना
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ज्यादा नमक और मसालेदार भोजन
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अधिक मात्रा में प्रोटीन लेना
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बार-बार यूरिन इन्फेक्शन होना
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मोटापा और अनियमित दिनचर्या
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परिवार में पहले से पथरी का इतिहास
पथरी के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
पथरी के लक्षण उसके आकार और स्थान पर निर्भर करते हैं। शुरुआत में हल्के लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन समय के साथ समस्या बढ़ सकती है।
सामान्य लक्षण:-
आयुर्वेद में पथरी के लिए कौन-कौन सी जड़ी-बूटियाँ उपयोगी मानी जाती हैं?
आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियाँ पथरी गलाने के आयुर्वेदिक उपाय के रूप में उपयोग की जाती हैं।
प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ:-
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वरुण (Varun): पथरी को तोड़ने और निकालने में सहायक
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गोखरू (Gokshura): किडनी को मजबूत करता है और पेशाब को साफ करता है
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पुनर्नवा (Punarnava): सूजन कम करता है और किडनी की कार्यक्षमता सुधारता है
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पाषाणभेद (Pashanbhed): पथरी को गलाने में विशेष रूप से उपयोगी
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कुल्थी दाल: पथरी को धीरे-धीरे तोड़ने में मदद करती है
इनका उपयोग गुर्दे की पथरी का घरेलू इलाज और गुर्दे की पथरी का देसी नुस्खा के रूप में भी किया जाता है, लेकिन सही मात्रा में सेवन जरूरी है।
आयुर्वेदिक दवाओं से पथरी कितने समय में गल सकती है?
पथरी गलने का समय उसके आकार, स्थान और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।
सामान्य समय अवधि:-
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छोटी पथरी (3-5 mm): 1 से 3 महीने में निकल सकती है
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मध्यम पथरी (5-8 mm): 3 से 6 महीने लग सकते हैं
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बड़ी पथरी: अधिक समय और नियमित इलाज की आवश्यकता होती है
आयुर्वेदिक इलाज में धैर्य और नियमितता बहुत जरूरी होती है, क्योंकि यह शरीर को प्राकृतिक तरीके से ठीक करता है।
पथरी के मरीज को कौन-सा खान-पान अपनाना चाहिए?
सही आहार किडनी स्टोन का प्राकृतिक इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
फायदेमंद चीजें:-
ये चीजें पेशाब की मात्रा बढ़ाकर पथरी को बाहर निकालने में मदद करती हैं।
किन चीजों से परहेज करना जरूरी है?
कुछ चीजें पथरी की समस्या को बढ़ा सकती हैं, इसलिए इनसे बचना जरूरी है।
परहेज करने वाली चीजें:-
इन चीजों से शरीर में मिनरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है।
बार-बार पथरी बनने से कैसे बचें?
पथरी से बचाव के लिए सही जीवनशैली अपनाना बहुत जरूरी है।
बचाव के उपाय:-
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पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
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संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना
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नियमित व्यायाम करना
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पेशाब को लंबे समय तक न रोकना
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आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का समय-समय पर सेवन
ये उपाय किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
कुछ स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।
तुरंत संपर्क करें यदि:-
आयुर्वेद में गुर्दे की पथरी का घरेलू इलाज, किडनी स्टोन का आयुर्वेदिक उपचार और पथरी गलाने के आयुर्वेदिक उपाय प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, सही खान-पान और जीवनशैली सुधार पर आधारित हैं। आज इस आर्टिकल में हमने गुर्दे की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज क्या है इस विषय में बताया। पर आप केवल पर आप केवल इस आर्टिकल पर निर्भर न रहे अगर समस्या गंभीर है तो जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें और ऐसे ही ब्लॉग्स और आर्टिकल के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ। यही नहीं ज्यादा जानकारी और डॉक्टर की सलाह के लिए आज ही फोन करें +91 9971119811
FAQ
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पथरी गलाने के लिए कौन सी आयुर्वेदिक दवा है?
पथरी गलाने के लिए आयुर्वेद में पाषाणभेद, गोखरू, वरुण और पुनर्नवा युक्त दवाएं उपयोगी मानी जाती हैं। ये दवाएं पथरी को गलाने और पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में मदद करती हैं।
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गुर्दे की पथरी को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाना चाहिए?
गुर्दे की पथरी को जड़ से खत्म करने के लिए ज्यादा पानी, नारियल पानी, नींबू पानी, कुल्थी दाल, खीरा, लौकी और तरबूज जैसे पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
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पथरी गलाने वाला पौधा कौन सा है?
पथरी गलाने के लिए पाषाणभेद सबसे प्रसिद्ध आयुर्वेदिक पौधा माना जाता है।
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7 दिनों में पथरी कैसे निकालें?
7 दिनों में पथरी निकालने के लिए ज्यादा मात्रा में पानी, नारियल पानी और नींबू पानी पीना चाहिए, साथ ही आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ जैसे पाषाणभेद और गोखरू का सेवन डॉक्टर की सलाह से करना लाभकारी हो सकता है।