सुबह के समय पेशाब से बदबू आना सामान्य है क्योंकि रात भर हमारा शरीर निर्जल रहता है। पर अगर ये बदबू हमेशा आती हो तो ये एक बड़ी समस्या का कारण भी बन सकता है। इसे अनदेखा करना भी सही नहीं है क्योंको ये किसी रोग का संकेत भी हो सकता है। आज इस आर्टिकल में हम पेशाब में बदबू का इलाज बताएँगे उसे पहले हम आपको इसके कारण पर भी ध्यान देंगे।
पेशाब में बदबू का कारण
- पानी की कमी
- लाइफस्टाइल
- डायबिटीज
- किडनी रोग
- दवाओं का प्रभाव
- वजाइनल इन्फेक्शन (महिलाओं में)
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पेशाब में बदबू का इलाज
- पानी का सेवन बढ़ाएं
- आंवला
- तुलसी के पत्ते
- गिलोय
- त्रिफला चूर्ण
1. पानी का सेवन बढ़ाएं

डिहाइड्रेशन की वजह से पेशाब गाढ़ा हो जाता है और पेशाब से बदबू आने की समस्या होती है, समय पर उचित मात्रा में पानी पिने से पेशाब गाढे से पतला होता है और साफ़ होता है, ये यूरिनरी ट्रैक्ट को भी साफ़ करता है। साथ ही ये UTI जैसी परेशानियों से भी आपको मुक्त करता है जो पेशाब में बदबू और जलन एक मुख्य कारण हो सकता है।
जानकारी - दिन में रोज़ाना 8 से 10 गिलास पानी पिएं और कोशिश करें आप हर घंटे थोडा-थोडा पानी आराम से एक बार में न पिएं।
2. आंवला

आंवला में बहुत से गुण होते हैं जो आपके स्वास्थ को बहुत सी बीमारियों से बचा सकता है पेशाब में बदबू की समस्या में आंवला के विटामिन C और एंटीबैक्टीरियल गुण हमें बचाने में मदद करते हैं, ये UTI जैसी समस्यायों से भी बचाता है और शरीर से टोक्सिन को बहार निकालता है।
जानकारी - हमेशा ताज़ा आंवला उपयोग करें और इसके साथ पर्याप्त मात्रा में पानी या अधिक पानी भी पिएं और यदि ज़्यादा इन्फेक्शन या लम्बे समय तक बदबू की समस्या हो तो डॉक्टर से ज़रूर सम्पर्क करें।
3. तुलसी के पत्ते

तुसली में बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीओक्सिडेंट प्रॉपर्टीज होते हैं, जो यूरिनरी ट्रैक्ट में हो रहे इन्फेक्शन को कम कर के बदबू को ख़त्म करने में मदद करता है। आप चाहे तो तुलसी के पत्ते को सुबह खली पेट में चबा भी सकते हैं पर कोशिश करें कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं जिससे तुलसी की वजह से आपके पेट में कोई समस्या न हो।
जानकारी - हमेशा ताज़ा और साफ तुलसी के पत्ते को ही खाएं और समस्या अगर लम्बे समय तक हो तो डॉक्टर से जल्द ही सम्पर्क करें।
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4. गिलोय

गिलोय एक बहुत प्रभवी आयुर्वेदिक औषधि है, जो केवल यूरिन इन्फेक्शन ही नहीं शरीर में बाकी टोक्सिन को भी कम करता है, अगर समस्या इन्फेक्शन या डिटॉक्सिफिकेशन से जुड़ा हो तो गिलोय उन सभी रोगों से मुक्त कर देता है। आप गिलोय को जूस, काढ़ा और पाउडर के रूप में भी सेवन कर सकते हैं।
जानकारी - अगर आप गिलोय के अलावा अन्य दवाई भी लेते हो तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें और इसका अत्यधिक सेवन भी ना करें जिससे आपको आने वाले समय में परेशानी हो।
5. त्रिफला चूर्ण

त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है जो तीन जड़ी बूटियों से मिल कर बनती है जेसे - हरड, आंवला और बेहड़ा, जो शरीर को डिटॉक्स करती है और यूरिनरी सिस्टम को भी स्वस्थ बनाता है। ये केवल यूरिनरी सिस्टम ही नही पाचन तंत्र के लिए भी हेल्थी माना जाता है।
जानकारी - त्रिफला चूर्ण के सेवन के साथ आप कोशिश करें की खुद को पूरी तरह से हाइड्रेटेड भी रखें और किसी अन्य दवाई के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें।
निष्कर्ष
आज इस आर्टिकल में हमने पेशाब में बदबू का इलाज के बारे में बताया जो की बहुत ही आसान और आयुर्वेदिक उपाय भी है पर आप ध्यान रखें, अगर पेशाब में बदबू की समस्या लगातार बनती है, तो डॉक्टर से सम्पर्क करें जिससे आप आने वाली किसी बड़ी समस्या से बच सकें और एसे ही हेल्थ रिलेटेड आर्टिकल्स और ब्लोग्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।
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