जब शरीर में तरल पदार्थ या आसान शब्दों में कहें तो पानी की कमी हो जाती है, तब डिहाइड्रेशन जैसी समस्या आ जाती है, ये समस्या ज़्यादातर गर्मियों के समय देखी जाती है, पर इसका कोई निश्चित समय या मौसम नहीं होता है, गर्मी के अलावा और भी एसी वजह है जिसमे आपको डिहाइड्रेशन की परेशानियाँ हो सकती है।
आज इस आर्टिकल में हम आपको डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय बताने वाले हैं, पर उससे पहले हम आपको इसके होने की वजह बताएँगे।
डिहाइड्रेशन की वजह
- कम पानी पीना
- ज़्यादा पसीना आना
- डायरिया और उल्टी
- डायबीटीज
- बुखार
- ज़्यादा दवाई खाना
- शराब पीना
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डिहाइड्रेशन के लक्षण
डिहाइड्रेशन के कुछ लक्षण लगभग एक जेसे होते हैं, पर बहुत से लक्षण बच्चों और व्यस्को के अलग-अलह होते हैं, जेसे:
व्यस्को में डिहाइड्रेशन के लक्षण
1. बार बार प्यास लगना

ये शुरुआती लक्षणों में से एक होता है, जिसमे हमें संदेश मिल जाता है कि हमारे शरीर को पानी की ज़रूरत है, इसलिए बार-बार प्यास लगने लगती है, जिससे शरीर में पानी की कमी पूरी हो पाए।
2. सरदर्द

सरदर्द भी डिहाइड्रेशन का एक कारण हो सकता है, क्योंकि पानी की कमी से हमारे नसों और दिमाग में प्रभाव पड़ने लगता है।
3. मांसपेशियों में कमजोरी

शरीर में पानी की कमी से ब्लड वॉल्यूम भी कम होने लगता है जिससे शरीर में उर्जा की मात्रा कम हो जाती है और मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है, जिसे कुछ कार्य करने का मन नहीं करता है।
4. पेशाब का रंग गाढ़ा होना

इस स्थिति में पेशाब का रंग गाढ़ा या पेशाब रुकने की संभावनाएं भी आ जाती है, क्योंकि शरीर को उचित मात्रा में पानी नहीं मिल पाता जिससे पेशाब के समय बहुत परेशानी आ सकती है।
5. बेहोशी

शरीर में पानी के स्तर में कमी आने से ब्लड फ्लो भी स्लो हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर भी लो हो जाता है जिस वजह से बेहोशी जेसी समस्याएं आ सकती है।
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बच्चों में डिहाइड्रेशन के लक्षण
1. रोते समय आंसू न आना

बच्चों में डिहाइड्रेशन के कारण रोते समय आंसू भी नहीं निकलते हैं, जिससे बच्चो की डिहाइड्रेशन की स्थिती को हम आसानी से पहचान सकते हैं।
2. चिडचिडापन

डिहाइड्रेशन के कारण बच्चों को हमेशा के हिसाब से ज़्यादा उलझन होने लगती है, जिससे वो चिडचिडापन और ज़्यादा रोने लगते हैं।
3. डायपर का सूखा रहना

डिहाइड्रेशन के कारण वयस्कों में जैसे पेशाब कम आने कि समस्या होती है वैसे ही अगर बच्चा 6 महीने से छोटा है और 6 से 8 घन्टों में भी बच्चे का डायपर गिला ना हो तो मतलब बच्चे को डिहाइड्रेशन कि समस्या हो सकती है।
4. जीभ और मुंह का सुख जाना

पानी की कमी से मुंह में लार नहीं बन पाता जिससे जीभ और मुंह सुख जाता है।
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डिहाइड्रेशन के उपाय
1. सही तरीके से पानी पिएं

सभी लोग पानी पीते तो हैं पर पानी को सही तरीके से नहीं पीते है जिससे एसी समस्याओं में, वे पानी पीकर भी जल्दी सही नहीं हो पाते हैं, इसलिए पानी को हमेशा धीरे-धीरे पर हर थोडी देर में पिएं और एक बार में बहुत सारा पानी कभी ना पिएं।
2. नारियल पानी

नारियल पानी में प्राक्रतिक रूप से इलेक्ट्रोलाइट्स और पोटैशियम भी होते हैं, जो इस स्थिति में बहुत काम आते हैं, डिहाइड्रेशन के समय दिन में एक या दो बार नारियल पानी का सेवन ज़रूर करें।
3. घरेलू उपचार

डिहाइड्रेशन के शुरुआती समय में ORS पिने कि सलाह दी जाती है, पर हम ORS कि जगह पानी में नमक और चीनी को घोल कर उसका भी सेवन कर सकते हैं, पर इसका प्रयोग केवल डिहाइड्रेशन के शुरुआती समय में ही करें, यदि आपकी स्थिति नार्मल से ज़्यादा बुरी है तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
4. ज़्यादा पानी वाले फल और सब्जियां खाएं

एसी फल और सब्जियां खाएं जिसमे पानी की मात्रा ज़्यादा हो, तरबूज, खीर, खरबूजा, संतरा आदि जैसे फल आपकी डिहाइड्रेशन के समय बहुत मदद कर सकते हैं।
5. हर्बल चाय

हर्बल चाय जैसे अदरक वाली चाय, कैमोमाइल चाय को पिने से शरीर को थोड़ी राहत मिलती है क्योंकि इससे उल्टी जैसी स्थिति से भी छुटकारा मिलता है।
निष्कर्ष
आज इस आर्टिकल में हमने आपको बताई है बहुत सी बातें जैसै डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय और किन कारणों की वजह से हमें हो सकती है ये परेशानी, पर हमारे बताये गये उपचारों को भी एक उचित मात्रा के अनुसार ही प्रयोग में लायें ज़्यादा परेशानी हो तो चिकित्सक से सलाह लेने ज़रूर जाएँ आगे एसे ही हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स पढने के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।
Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.