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शरीर में गांठ का घरेलू उपचार

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शरीर में गांठ का घरेलू उपचार

शरीर में गांठ महसूस होना एक ऐसी समस्या है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। कई बार यह गांठ सामान्य कारणों से होती है, जैसे सूजन या संक्रमण, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। इसलिए गांठ को नजरअंदाज करना सही नहीं है। सही जानकारी, घरेलू उपाय और समय पर जांच से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको शरीर में गांठ का घरेलू उपचार के बारे में बताएंगे।   

शरीर में गांठ क्यों होती है?

शरीर में गांठ बनने के कई कारण हो सकते हैं। यह हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन इसके पीछे के कारण को समझना जरूरी है।

मुख्य कारण:

  • संक्रमण (Infection): बैक्टीरिया या वायरस के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है।

  • चोट या सूजन: किसी चोट के बाद उस जगह पर गांठ बन सकती है।

  • फैट जमा होना (Lipoma): त्वचा के नीचे फैट जमा होने से मुलायम गांठ बन जाती है।

  • सिस्ट (Cyst): त्वचा के अंदर तरल पदार्थ जमा होने से सिस्ट बन सकता है।

  • हार्मोनल असंतुलन: हार्मोन में बदलाव से भी गांठ बन सकती है।

World Health Organization के अनुसार शरीर में बनने वाली अधिकांश गांठें सामान्य होती हैं, लेकिन सही जांच जरूरी होती है। 

क्या शरीर की हर गांठ खतरनाक होती है?

नहीं, शरीर की हर गांठ खतरनाक नहीं होती। अधिकांश गांठें सामान्य और गैर-कैंसर होती हैं।

सामान्य गांठ की पहचान: 

  • मुलायम और आसानी से हिलने वाली

  • दर्द रहित

  • धीरे-धीरे बढ़ने वाली

  • लंबे समय तक बिना बदलाव के रहने वाली

खतरनाक गांठ की संभावना:

  • तेजी से बढ़ना

  • बहुत सख्त होना

  • दर्द या जलन होना

  • त्वचा का रंग बदलना

इसलिए किसी भी नई गांठ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

शरीर में गांठ होने के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

गांठ के शुरुआती लक्षण को पहचानना बहुत जरूरी है ताकि समय पर इलाज हो सके।

मुख्य लक्षण:

  • त्वचा के नीचे उभरी हुई सूजन

  • दबाने पर दर्द या असहजता

  • गांठ का आकार धीरे-धीरे बढ़ना

  • लालिमा या गर्माहट

  • कमजोरी या बुखार (संक्रमण के मामलों में)

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो जांच जरूरी होती है।

शरीर की गांठ को ठीक करने के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपाय कौन-से हैं?

कुछ सामान्य और सुरक्षित घरेलू उपाय शुरुआती अवस्था में मदद कर सकते हैं।

प्रभावी घरेलू उपाय:

  • हल्दी का उपयोग:
    हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
    • हल्दी वाला दूध पीना
    • हल्दी का लेप लगाना
  • गर्म सेक:
    • सूजन कम करने में मदद करता है
    • दिन में 2-3 बार 10 मिनट तक करें
  • एलोवेरा जेल:
    • सूजन और संक्रमण कम करता है
    • दिन में 2 बार लगाएं
  • लहसुन का सेवन:
    • शरीर की इम्युनिटी बढ़ाता है
    • संक्रमण से लड़ने में मदद करता है

ध्यान रखें, ये उपाय केवल सामान्य गांठ में मदद करते हैं, गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

क्या आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां गांठ को ठीक कर सकती हैं?

आयुर्वेद में गांठ को “ग्रंथि” कहा जाता है और इसके लिए कई जड़ी-बूटियां उपयोगी मानी जाती हैं।

प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां:

  • हल्दी
  • अश्वगंधा
  • गुग्गुल
  • कंचनार

Ministry of AYUSH के अनुसार आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शरीर की सूजन कम करने और इम्युनिटी मजबूत करने में सहायक हो सकती हैं, लेकिन इन्हें विशेषज्ञ की सलाह से ही लेना चाहिए।

गांठ होने पर क्या खाना चाहिए?

सही खान-पान शरीर की सूजन कम करने और तेजी से रिकवरी में मदद करता है।

फायदेमंद खाद्य पदार्थ:

  • हरी सब्जियां
  • फल (सेब, संतरा, पपीता)
  • हल्दी और अदरक
  • ग्रीन टी
  • प्रोटीन युक्त भोजन (दाल, मूंग, पनीर)

फायदे:

  • सूजन कम होती है

  • इम्युनिटी मजबूत होती है

  • शरीर तेजी से ठीक होता है

गांठ होने पर किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

कुछ खाद्य पदार्थ सूजन और समस्या को बढ़ा सकते हैं।

इन चीजों से बचें:

  • जंक फूड

  • ज्यादा तला-भुना खाना

  • ज्यादा चीनी

  • प्रोसेस्ड फूड

  • धूम्रपान और शराब

ये चीजें शरीर की रिकवरी को धीमा कर सकती हैं।

शरीर की गांठ कब खतरनाक हो सकती है?

कुछ स्थितियों में गांठ गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है।

खतरनाक संकेत:

  • गांठ तेजी से बढ़ रही हो

  • बहुत सख्त हो

  • दर्द लगातार बना रहे

  • वजन अचानक कम होना

  • लंबे समय तक ठीक न होना

AIIMS के डॉक्टरों के अनुसार ऐसी स्थिति में तुरंत जांच करवाना जरूरी होता है।

किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • गांठ का आकार बढ़ना

  • लगातार दर्द होना

  • बुखार के साथ गांठ होना

  • त्वचा का रंग बदलना

  • कमजोरी और थकान

समय पर इलाज से गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।

गांठ की सही पहचान के लिए कौन-सी जांच जरूरी होती है?

गांठ की सही पहचान के लिए डॉक्टर कुछ जांच कर सकते हैं।

मुख्य जांच:

  • Ultrasound

  • MRI या CT Scan

  • Blood Test

  • Biopsy

जांच के फायदे:

  • गांठ का सही कारण पता चलता है

  • कैंसर या सामान्य गांठ की पहचान होती है

  • सही इलाज तय करने में मदद मिलती है
     

शरीर में गांठ होना हमेशा गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। कुछ सामान्य गांठें घरेलू उपाय और सही खान-पान से ठीक हो सकती हैं। आज इस आर्टिकल में हमने आपको शरीर में गांठ का घरेलू उपचार के बारे में बताया। पर आप केवल पर आप केवल इस आर्टिकल पर निर्भर न रहे अगर समस्या गंभीर है तो जल्द ही डॉक्टर से संपर्क करें और ऐसे ही ब्लॉग्स और आर्टिकल के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ। यही नहीं ज्यादा जानकारी और डॉक्टर की सलाह के लिए आज ही फोन करें +91 9971119811

 



 

FAQ 

 

  • गांठ को गलाने के लिए क्या करना चाहिए?
    गांठ को गलाने के लिए गर्म सेक और हल्दी का सेवन सूजन कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन सही इलाज के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी होती है।

  • फिटकरी से गांठ कैसे हटाएं? 
    फिटकरी को पानी में घोलकर गांठ वाली जगह पर लगाने या उससे हल्का सेक करने से सूजन कम हो सकती है। लेकिन सही इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।

  • कैंसर की गांठ कहाँ-कहाँ होती है? 
    कैंसर की गांठ शरीर के कई हिस्सों में हो सकती है, जैसे स्तन, गर्दन, बगल (लिम्फ नोड्स), थायरॉयड, त्वचा, मुंह, पेट और अंडकोष। 

  • चर्बी की गांठ का घरेलू इलाज क्या है?
    चर्बी की गांठ (लाइपोमा) में हल्दी का सेवन, हल्का गर्म सेक और संतुलित आहार सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि यह गांठ आमतौर पर हानिकारक नहीं होती, लेकिन बढ़ने या दर्द होने पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है।

Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan – Ayurvedic Expert

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues. With a strong academic background in Ayurveda (BAMS) and years of clinical experience, the blend of Ayurvedic wisdom with practical lifestyle guidance in his treatment approach has helped thousands overcome their health issues.

His USP is not just personalized herbal treatments, but meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms. His friendly nature, clear explanations, and commitment to promoting safe, holistic healing through Ayurveda stand out in the PR dominated world.

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