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गांठ का रामबाण इलाज

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गांठ का रामबाण इलाज

शरीर में गांठ होना किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं माना जाता है। शरीर के किसी भी भाग में गांठ होने से वह उभरी हुई दिखने लगती है। ये हमारी स्किन और अंदरुनी मांसपेशियों की परत के बीच बनती है और ये कंधे, गर्दन, पीठ, हाथ और पैर के किसी भी हिस्से पर हो सकती है, लेकिन शरीर के किसी भी हिस्से पर हुई गांठ का रामबाण इलाज करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

बता दें कि शरीर के किसी भी हिस्से पर अनचाही गांठ बनना लिपोमा हो सकता है। वैसे तो ये किसी भी हिस्से पर बन सकती है, लेकिन ये ज्यादातर कंधे, जांघ, हाथ, पैर और पीठ में होती है। वैसे इस गांठ में दर्द नहीं होता, लेकिन अगर ये एक बार बढ़ जाए, तो दर्द की समस्या को बढ़ा सकती है, लेकिन अब शरीर में गांठ का इलाज आसानी से किया जा सकता है।

शरीर में गांठ होने के कारण

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गांठ कहां-कहां हो सकती है?

  • पीठ
  • चेहरे
  • गर्दन

गांठ के लक्षण

  • यह गांठ दिखने में छोटी होती है, लेकिन समय के साथ बढ़ जाती है।
  • लिपोमा किसी भी हिस्से में हो सकता है जैसे कि कंधे, पेट, जांघ, हाथ, पैर, पीठ आदि।
  • लिपोमा ज्यादा टाइट गांठ नहीं होती है।
  • लिपोमा ज्यादा दर्दनाक नहीं होती, लेकिन इसके ज्यादा बढ़ने पर गांठ भी बन सकती है।

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गांठ का रामबाण इलाज

1. आकडे का दूध

आकडे का दूध - गांठ का रामबाण इलाज

शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ होने पर आकडे का दूध बेहद फायदेमंद माना जा सकता है। इसके लिए आप आकडे के दूध में मिट्टी मिलाएं और इस दूध के लेप को प्रभावित हिस्से पर उभरी हुई गांठ पर लगाएं। ऐसा करने से आपको दर्द में तो निजात मिलेगा ही, लेकिन इसे हटाने में भी मदद मिलेगी। आकडे का दूध शरीर में गांठ का इलाज प्रभावी रूप से कर सकता है।

2. कचनार की छाल

कचनार की छाल - गांठ का रामबाण इलाज

शरीर के किसी भी हिस्से पर गांठ होने पर कचनार की ताजी और सूखी छाल भी बहुत लाभदायक मानी जाती है।

इसका सेवन करने के लिए आप एक गिलास पानी में पिसी हुई गोरखमुंडी को कचनार के साथ कूट लें। उसके बाद कचनार की छाल को पानी में थोड़ी देर के लिए डालकर उबाल लें। इस मिश्रण के उबलते ही इसे छान लें और इस पानी का सेवन करें। इससे आपको गांठ हटाने में बहुत मदद मिलेगी।

3. फिटकरी

फिटकरी - गांठ का रामबाण इलाज

गांठ का इलाज करने के लिए आप फिटकरी और जैतून के छिल्के को मिक्स करके उसका पाउडर बनाएं और उसे प्रभावित हिस्से पर लगा लें। ऐसा करने से गांठ को खत्म किया जा सकता है। आप इसके लिए फिटकरी और जैतून के छिल्कों के साथ माजूफल को भी मिला सकते हैं। इससे आपको बहुत आराम मिलेगा। फिटकरी का इस्तेमाल शरीर में गांठ का इलाज करने के लिए किया जा सकता है।

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4. सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार - गांठ का रामबाण इलाज

सूर्य नमस्कार जैसे प्राणायाम को करने से शरीर में ऊर्जा तो आती ही है, लेकिन साथ ही गांठ को पिघलाने में भी मदद मिलती है। इस आसन को रोजाना करने से गांठ से निजात पाया जा सकता है।

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5. गिलोय

गिलोय - गांठ का रामबाण इलाज

आप शरीर में हो रही गांठों का इलाज गिलोय से भी कर सकते हैं। इसके लिए आप शिला सिंदूर, प्रभाल पिष्टी के साथ मोती और गिलोय को मिलाकर सात पूड़िया बना लें। इसे सुबह-शाम खाने से आपको शरीर पर हो रही गांठों में आराम मिल सकता है।

निष्कर्ष

तो जैसा कि आपने जाना कि गांठ का रामबाण इलाज किस तरह से किया जा सकता है, लेकिन फिर भी इन उपायों को अपनाने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें, क्योंकि डॉक्टर आपकी जांच करके बेहतर तरीके से बता पाएंगे कि आपके लिए ये उपाय लाभकारी साबित होंगे या नहीं। 

अगर आपको भी शरीर के किसी भी हिस्से पर गांठ या उससे जुड़ी किसी तरह की दिक्कत महसूस हो रही है, तो आप अपना इलाज आयु कर्मा में आकर करवा सकते हैं। आयु कर्मा डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना पूर्णतः प्राचीन भारतीय आयुर्वेद के सहारे से किडनी फेल्योर का इलाज कर रहा है। यहां न सिर्फ किडनी से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता है, बल्कि कई अन्य बीमारी जैसे कि कैंसर, ल्यूकोडर्मा, सोरायसिस, क्रिएटिनिन, प्रोटीन्यूरिया आदि बीमारियों का इलाज भी किया जाता है।

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Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan – Ayurvedic Expert

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues. With a strong academic background in Ayurveda (BAMS) and years of clinical experience, the blend of Ayurvedic wisdom with practical lifestyle guidance in his treatment approach has helped thousands overcome their health issues.

His USP is not just personalized herbal treatments, but meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms. His friendly nature, clear explanations, and commitment to promoting safe, holistic healing through Ayurveda stand out in the PR dominated world.

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