लीवर शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। बदलते लाइफस्टाइल और खान-पान के चलते अक्सर लोगों को लीवर में सूजन आने की शिकायत रहने लगती है। वैसे बता दें कि जब शरीर में केमिकल्स और टॉक्सिन्स बढ़ने लगते हैं, तो लीवर में सूजन आने की समस्या भी शुरू हो जाती है, लेकिन बता दें कि लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा से आपको इस समस्या में राहत मिल सकती है।
बता दें कि लिवर में सूजन आने से आपको मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें वरना गंभीर रोगों के शिकार हो सकते हैं। वैसे आज हम हम आपको लिवर सूजन की दवा बता रहे हैं, जिससे आपको बहुत आराम मिलेगा।
लिवर में सूजन आने के कारण
- शराब पीना
- तनाव
- डायबिटीज
- मोटापा बढ़ना
- योग और एक्सरसाइज न करना
लिवर में सूजन आने के लक्षण
- पेट में दर्द रहना
- थकान होना
- वजन कम हो जाना
- बेली फैट बढ़ना
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लीवर में सूजन की दवा
वैसे तो लिवर में सूजन आने के कई उपाय हैं, लेकिन लिवर सूजन की आयुर्वेदिक दवा अपनाने से इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है। आइए, जानते वे उपाय क्या हैं –
1. हल्दी

हल्दी में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। वहीं इसमें अच्छी खासी मात्रा में बायोएक्टिव कंपाउंड यानी कि करक्यूमिन भी होता है, जो लिवर में आ रही सूजन को खत्म कर सकता है। हल्दी को लीवर की सूजन की दवा माना जाता है।
2. सेब का सिरका

सेब का सिरका भी लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा माना जाता है। इसे पीने से लिवर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद मिलती है और जब लिवर डिटॉक्सिफाई होता है, तो शरीर से टॉक्सिन्स भी आसानी से निकलने लगते हैं। इसका सेवन करने के लिए आप एक चम्मच सेब का सिरका लेकर उसे गर्म पानी में मिक्स करके रोज पिएं। इससे लिवर की सूजन कम हो सकती है।
3. नींबू

नींबू को विटामिन-C का अच्छा सोर्स माना जाता है। ये लिवर की सूजन को कम करने में फायदेमंद माना जाता है। इसका सेवन करने से लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री-रेडिकल्स से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। बता दें कि नींबू को लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा माना जाता है।
4. एलोवेरा

एलोवेरा में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं। इसका सेवन करने से लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचने में मदद मिलती है। इसका सेवन करके आप इंफेक्शन से छुटकारा मिल सकता है। एलोवेरा का सेवन करने से लिवर लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। एलोवेरा को लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा कहा जा सकता है।
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5. ग्रीन टी

वहीं ग्रीन टी को भी लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा माना जा सकता है, क्योंकि ये एंटी-ऑक्सिडेंट गुणों से भरपूर होती है, जो आपके लिवर में आ रही परेशानी को दूर कर सकती है। आप लिवर की सूजन को खत्म करने के लिए इसे दिन में दो बार पी सकते हैं।
6. आंवला

आंवले में न्यूट्रिएंट्स की अच्छी क्वांटिटी होती है, जो लिवर के फंक्शन को इंप्रूव करती है। इसमें मौजूद औषधीय गुण लिवर की सूजन को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। आंवले को लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा के रूप में जाना जाता है।
7. मेथी-पुदीने की चाय

मेथी-पुदीने में मौजूद औषधीय गुण लिवर में जमा हो रही गंदगी और फैट को बाहर निकालने में मदद करते हैं। मेथी में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट्स लिवर को स्वस्थ बनाएंगे और सूजन को कम करने में मदद करेंगे। ऐसे में कह सकते हैं कि मेथी-पुदीना लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा हैं।
8. पौष्टिक आहार

लिवर में सूजन की समस्या को खत्म करने के लिए पौष्टिक और संतुलित खाने का सेवन करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप अपनी डाइट में ताजी सब्जियों, फलों, साबुत अनाज आदि को शामिल करें। पौष्टिक आहार लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा माना जाता है।
9. रोजाना करें योग

रोजाना योग करने से वजन कंट्रोल में रहता है, जिससे आप लीवर में सूजन आने की समस्या से बच सकते हैं। योग या व्यायाम करना लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा माना जा सकता है।
तो जैसा कि आपने जाना कि लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा क्या है, लेकिन फिर भी इसे लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। क्योंकि कई लोग लीवर में सूजन की अंग्रेजी दवा ले रहे होते हैं। ऐसे में अगर आप भी ऐसी दवाइयां ले रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करके ही इन आयुर्वेदिक उपचारों को अपनाएं।
अगर आपको भी इस रोग से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या है, तो आप अपना इलाज कर्मा आयुर्वेदा में आकर करवा सकते हैं। यहां पर सन् 1937 से किडनी रोगियों का इलाज किया जा रहा है और हाल ही में इसे डॉ. पुनीत धवन संभाल रहे हैं। डॉ. पुनीत न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में किडनी की बीमारी से जूझ रहे रोगियों का इलाज कर रहे हैं, क्योंकि आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मा आयुर्वेदा डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ही भारतीय आयुर्वेद के सहारे किडनी फेल्योर का इलाज कर रहा है।
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