लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा
लिवर हमारे शरीर का बहुत जरूरी अंग है, ये विषैले पदार्थों को निकालने, पाचन और पोषण तत्वों के संचय में अहम भूमिका निभाता है लेकिन जब इसमें सूजन आ जाती है तो शरीर पर इसके बहुत से बुरे प्रभाव देखने को मिलते हैं जो समय के साथ गंभीर हो जाते हैं, आज इस आर्टिकल में हम लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा के बारे में जानेंगे साथ ही इसके लक्षणों और कारणों के पर भी ध्यान देंगे जिससे बिना किसी साइड इफेक्ट के प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं
लीवर में सूजन के लक्षण
लीवर में सूजन के कारण
-
अत्यधिक शराब का सेवन
-
फैटी लीवर
-
पित्त नली में रुकावट
-
अनुवांशिकता
-
हेपेटाइटिस वायरस
-
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस
लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा
-
भृंगराज - भृंगराज को लिवर के लिए बहुत महत्वपूर्ण औषधि माना गया है। क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से लीवर को डिटॉक्स करता है। जो शरीर से टॉक्सिन को निकालता है जिससे लिवर पर बोझ नहीं पड़ता, भृंगराज में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होते हैं जिससे सूजे हुए लीवर टिशूज़ में राहत पहुंचाते हैं। लीवर पाचन से जुड़ा एक मुख्य अंग होता है, भृंगराज पाचन में मदद करता है, जिससे लीवर पर बोझ नहीं पड़ता और उसका काम हल्का करता है, जिससे लीवर की रिकवरी तेज होती है।
जानकारी - ध्यान दें भृंगराज की मात्रा सीमित ही लें क्योंकि अधिक मात्रा से दस्त या अन्य पाचन समस्याएं हो सकती हैं और गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बिना सलाह के न दें।

-
कालमेघ - कालमेघ लिवर के लिए एक बेहतरीन औषधि है, इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो लीवर की सूजन को कम करने में प्रभावी होते हैं और यह सूजन से जुड़े दर्द और जलन को भी कम करता है। यही नहीं ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे लीवर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ सकता है। इससे लीवर को अधिक शक्ति मिलती है और वह जल्दी ठीक हो सकता है।
जानकारी - गर्भवती महिलाओं को कालमेघ का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि यह गर्भावस्था में सुरक्षित नहीं हो सकता और यदि आपको किसी विशेष एलर्जी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या हो, तो कालमेघ का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

-
पुनर्नवा - पुनर्नवा एक प्रभावी आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है, इसमें हैपाटोप्रोटेक्टिव प्रॉपर्टिज होते हैं, जो लीवर को विषैले पदार्थों से शुद्ध करते हैं और कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। यह लीवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। साथ ही लीवर में सूजन अक्सर संक्रमण या टॉक्सिन्स के कारण होती है। पुनर्नवा में मौजूद प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं और ऊतकों की मरम्मत में मदद करते हैं।
जानकारी - पुनर्नवा के अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में गड़बड़ी हो सकती है और गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह से ही लें।

- गिलोय - गिलोय एक प्रभावशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, ये केवल लिवर ही नहीं कई स्वास्थ्य समस्याओं में उपयोगी होता है, गिलोय हेपेटाइटिस और पीलिया जैसी लीवर संबंधित बीमारियों में विशेष रूप से उपयोगी है और सबसे बड़ी गिलोय की विशेषता यह है कि यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। जब शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, तो लीवर भी संक्रमणों और अन्य बीमारियों से सुरक्षित रहता है।
जानकारी - ध्यान रखें यदि आप किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं तो गिलोय का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

-
त्रिफला - त्रिफला एक बहुत ही प्रभावी और प्रसिद्ध औषधि है इसे तीन औषधीय फलों के मिश्रण से बनाया जाता है, जैसे हरड़, बहेड़ा और आंवला। त्रिफला लीवर से टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है। यह शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रोसेस को बढ़ावा देता है और लीवर को साफ और स्वस्थ रखता है और लीवर की समस्याओं में अक्सर कब्ज एक सामान्य लक्षण होता है। त्रिफला कब्ज को दूर करता है, जिससे आंतें साफ रहती हैं और लीवर को आराम मिलता है।
जानकारी - त्रिफला का एक उचित मात्रा में ही सेवन करें क्योंकि अधिक मात्रा में सेवन से दस्त हो सकता है।
आज के इस आर्टिकल में हमने लीवर में सूजन की आयुर्वेदिक दवा, के बारे में, बात करी और आपने जाना की कैसे कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार इस समस्या में आपके काम आ सकते हैं, लेकिन आप सिर्फ इन सुझावों पर निर्भर ना रहें समस्या अगर ज्यादा गंभीर है तो डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें अयुकर्मा के साथ।
FAQ
लिवर में सूजन हो तो क्या करना चाहिए?
लिवर में सूजन हो तो सबसे पहले भोजन में सख्ती से सुधार करें, पर्याप्त पानी पिएं, आयुर्वेदिक औषधियाँ का सेवन करें और तनाव कम करें।
लीवर के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?
लीवर के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा भृंगराज, कालमेघ, पुनर्नवा, गिलोय और त्रिफला है।
अपने लिवर को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है
लिवर-डिटॉक्स डाइट अपनाएँ और तला-भुना खाना, शराब, धूम्रपान, रिफाइन्ड तेल और रिफाइन्ड चीनी और प्रोसेस्ड फूड यानी पैकेज्ड खाना, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक को पूरी तरह से अवॉइड करें