AyuKarma Ayurveda

सूखा थायराइड का इलाज

आपकी सभी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा अनुशंसित आयुर्वेदिक उपचार, उपचार और सलाह

Get Best Ayurvedic Treatment

सूखा थायराइड का इलाज

सूखा थायराइड का इलाज 

सूखा थायराइड जिसमें थायराइड ग्रंथि का असंतुलन होता है ये आजकल एक आम समस्या बन गई है। इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि आवश्यक हार्मोन का उत्पादन कम कर देती है, जिस वजह से शरीर में मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है और इसके साथ बहुत सी शारीरिक समस्याएं बढ़ने लगती हैं, आज इस आर्टिकल में हम सूखा थायराइड का इलाज के विषय में बात करेंगे साथ ही इसके लक्षणों और कारणों पर भी ध्यान देंगे क्योंकि आयुर्वेद इस समस्या का इलाज प्राकृतिक और संतुलित तरीके से करने में सहायक है। 

सूखा थायराइड के लक्षण 

  • वजन बढ़ना
  • कमजोरी और थकावट 
  • सुखी और बेजान त्वचा 
  • चिड़चिड़ापन
  • मानसिक थकावट
  • ठंड लगना
  • धड़कन धीमी होना
  • बालों का ज़्यादा झड़ना

सूखा थायराइड के कारण 

  • आयोडीन की कमी
  • थायराइड सर्जरी
  • दवाइयों का प्रभाव
  • अनुवांशिकता
  • ऑटोइम्यून विकार

आयुर्वेद में सूखा थायराइड का इलाज
आयुर्वेद में सूखा थायराइड का इलाज निम्नलिखित है जिसे थायराइड कम करने की दवा के रूप में भी देख सकते हैं  

  • त्रिफला - त्रिफला एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक मिश्रण है, जिसे तीन मुख्य जड़ी-बूटियों से बनाया गया है जैसे आंवला, बहेड़ा और हरड़, त्रिफला पाचन तंत्र को सुधारता है इससे थायराइड के मरीजों को बेहतर ऊर्जा मिल सकती है और थकावट कम हो सकती है। सूखा थायराइड अक्सर ऑटोइम्यून विकारों के कारण होता है, और त्रिफला इसमें इम्यून सिस्टम को संतुलित और सशक्त बनाने में मदद करता है, साथ ही त्रिफला हॉर्मोनल असंतुलन को सुधारने में मदद कर सकता है, जिससे  जिससे थायरॉयड हार्मोन का स्तर सुधार सकता है।
    थाइरोइड आयुर्वेदिक दवा
  • गिलोय - गिलोय आयुर्वेद में अत्यंत लाभकारी औषधि है। थायराइड जैसी समस्या में शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही थायराइड ग्रंथि पर हमला कर देता है। गिलोय में प्रभावी इम्यून बूस्टिंग गुण होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को संतुलित करते हैं और शरीर की रक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं, इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और शरीर में होने वाली जलन को कम करने में मदद करते हैं। सूखा थायराइड के रोगियों को अक्सर कमजोरी का सामना करना पड़ता है गिलोय इन प्रभावों को कम करने में सहायक हो सकता है।
     
  • शतावरी - शतावरी को एक अत्यंत प्रभावी औषधि है, जिससे खासतौर पर स्त्री रोगों के लिए विशेष रूप से प्रयोग में लाया जाता है लेकिन इसके लाभ केवल महिलाओं तक ही सीमित नही होते हैं शतावरी शरीर के ऊर्जा स्तर को बढ़ाती है। जो थकावट और कमजोरी को कम करने में मदद करती है, और साथ ही इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं  शरीर के अंदर की सूजन और उत्पन्न होने वाली जलन को कम करने में मदद करता है।
     
  • अश्वगंधा - अश्वगंधा प्रभावशाली जड़ी-बूटी मानी जाती है। अश्वगंधा का सेवन मेटाबोलिज़्म को बढ़ा सकता है क्योंकि सूखा थायराइड मेटाबोलिज़्म को धीमा कर देता है, और अश्वगंधा इससे निपटने में मदद कर सकता है। इसमें एंटी-एंग्जाइटी और एंटी-डिप्रेसेंट गुण भी होते हैं जो चिंता और तनाव को कम करने में मदद करता है। 

थायराइड समस्या का घरेलू इलाज

  • पानी और हाइड्रेशन - सूखा थायराइड में मेटाबोलिज़्म धीमा हो जाता है, हाइड्रेशन मेटाबोलिज़्म को सक्रिय रखने में मदद करता है और शरीर की कोशिकाओं को बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। पर्याप्त पानी के सेवन से थायरॉयड हार्मोन का उत्पादन भी बेहतर हो सकता है, जिससे सूखा थायराइड की समस्या में सुधार हो सकता है।

  • लहसुन - लहसुन में प्राकृतिक एंटीबायोटिक और औषधीय गुण होते हैं, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में उपयोगी हो सकता है। सिलीनियम और सेलेनियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो थायरॉयड ग्रंथि के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसका सेवन करने से थायरॉयड ग्रंथि को आवश्यक पोषण मिलता है और यह हार्मोनल असंतुलन को सुधारने में मदद कर सकता है
    थाइरोइड आयुर्वेदिक दवा
  • मेथी दाना -  मेथी दाना को प्राकृतिक उपचार माना जाता है, सिलीनियम और आयरन जैसे खनिज होते हैं जो थायरॉयड ग्रंथि के कार्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।  मेथी दाना मेटाबोलिज़्म को सक्रिय करता है और शरीर की ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है। सूखा थायराइड की स्थिति में मरीजों को वजन बढ़ने की समस्या होती है, और मेथी दाना में ऐसे तत्व होते हैं जो वजन घटाने में मदद करते हैं।
     
  • नारियल तेल -  नारियल तेल को प्राचीन समय से पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किया जाता रहा है।  इसके अंदर मध्यम-श्रंखला ट्राइग्लिसराइड्स (MCTs) होते हैं, जो शरीर में ऊर्जा का अच्छा स्रोत बनते हैं। नारिया तेल में लॉरिक एसिड और अन्य फैटी एसिड थायरॉयड हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इससे थायरॉयड हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में मदद मिल सकती है, जो सूखा थायराइड के लक्षणों में राहत दिला सकता है।
    सूखा थायराइड का इलाज

आज इस आर्टिकल में हमने सूखा थायराइड का इलाज में जाना, अगर आपको सूखा थायराइड के लक्षण और उपाय के बारे में जानना है, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, आप केवल इन उपायों पर निर्भर न रहें और कोई भी उपचार विकल्प चुनने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। सेहत से जुड़े ऐसे ही ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।

Approved by

Approved by

Certificate no- AH-2022-0145
FEB 23,2022 - FEB 22,2025