
खराब लाइफस्टाइल की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं में से एक शीघ्रस्खलन भी है। पहले बता दें कि इसका मतलब क्या होता है? तो बता दें कि इसका अर्थ है कि जब पुरुष सेक्स करते हैं और केवल शुरुआत के दो से तीन मिनट के अंदर ही उनका स्पर्म स्खलित हो जाता है। ऐसे में इसे शीघ्र स्खलन रोग कहा जाता है। वैसे तो ये पुरुषों में होने वाली आम समस्या है, लेकिन ऐसा केवल दुनिया में कुछ ही पुरुष अनुभव करते हैं। इसका मतलब है कि इस बीमारी से जूझ रहे पीड़ितों की सेक्स अवधि बहुत ही छोटी होती है, लेकिन शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक उपचार अपनाने से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
शीघ्र स्खलन के कारण
वैसे तो शीघ्र स्खलन के आयुर्वेदिक उपाय अपनाने से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है, लेकिन इसके कारणों के बारे में पता होना बहुत जरूरी है। इसके मुख्य कारणों में शामिल है:
- सेक्स के अनुभव की कमी
- मानसिक तनाव
- उत्तेजना को नियंत्रित न कर पाना
- स्ट्रेस
- डिप्रेशन
- चिंता
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शीघ्र स्खलन की आयुर्वेदिक दवा
शीघ्र स्खलन की समस्या को ठीक करने के लिए कई तरह की औषधियां लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में जिन औषधियों की तासीर ठंडी होती है, वे इस बीमारी के इलाज में बहुत उपयोग की जाती हैं। आइए, ऐसे में शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज आपकी बहुत मदद कर सकता है।
1. गोक्षुर

गोक्षुर एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो वात, पित्त और कफ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसके इस्तेमाल से यौन शक्ति को बढ़ाने और शीघ्र स्खलन जैसी समस्या का इलाज करने में मदद मिल सकती है। यहां तक कि इसका सेवन करने से मसल्स में ताकत आती है और टेस्टोस्टेरोन का लेवल भी बढ़ने लगता है। गोक्षुर को शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज माना जाता है।
2. मुलेठी

वहीं मुलेठी को भी शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज माना जा सकता है। मुलेठी में खांसी-जुकाम, गले की खुराश दूर करने में मदद मिलती है। वहीं मुलेठी का चूर्ण लेने से शीघ्र स्खलन की समस्या को रोका जा सकता है।
3. केसर

केसर का इस्तेमाल न सिर्फ खाने में, बल्कि हेल्थ को अच्छा रखने के लिए भी होता है। केसर में कामोत्तेज गुण मौजूद होते हैं। इसे दूध में मिलाकर पीने से शीघ्र स्खलन की बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इसका सेवन करने से सेक्स पॉवर और कामेच्छा को बढ़ाया जा सकता है। केसर को शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज कहा जा सकता है।
4. अश्वगंधा

वहीं अश्वगंधा में भी इम्यूनिटी को बढ़ाने वाले गुण मौजूद होते हैं। इसका सेवन करने से शारीरिक कमजोरी, एजिंग के लक्षण, त्वचा रोग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है। ये जड़ी-बूटी हार्मोंस को पुनर्जीवित करने में मदद करती है। आप अश्वगंधा के पाउडर को घी, हर्बल वाइन या काढ़े के साथ ले सकते हैं। अश्वगंधा शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज कहलाया जाता है।
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5. शतावरी

शतावरी भी एक तरह की जड़ी-बूटी है। इसका इस्तेमाल कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। शतावरी या उसके चूर्ण का सेवन करने से शीघ्र स्खलन की समस्या में बहुत ही जल्दी आराम मिल सकता है। शतावरी को शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज कहा जा सकता है।
6. ब्राह्मी

आयुर्वेद में ब्राह्मी को एनर्जी देने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। ये जड़ी-बूटी इम्यून सिस्टम में सुधार करती है। इसका सेवन करने से शीघ्र स्खलन की समस्या मे आराम मिल सकता है। ब्राह्मी को शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज कहा जा सकता है।
7. मकरध्वज

मकरध्वज भी एक तरह की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसे शरीर की ताकत बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। इस जड़ी-बूटी को लेने से स्पर्म को बढ़ाने और नपुंसकता को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका सेवन करने से शीघ्र स्खलन की समस्या में आराम मिल सकता है। मकरध्वज को भी शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज माना जा सकता है।
8. जायफल

जायफल एक तरह की तीखी जड़ी-बूटी होती है। इसकी सुगंध बहुत ही तेज होती है। इसे भी शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज माना जाता है। इसमें शीघ्र स्खलन की समस्या के साथ-साथ वात-पित्त को साफ करने जैसे कई गुण मौजूद होते हैं। इसके लिए आप जायफल के पाउडर को दूध में डालकर पी सकते हैं।
तो जैसा कि आपने जाना कि शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक इलाज अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन फिर भी इन उपायों को अपनाने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें, क्योंकि डॉक्टर आपको बेहतर तरीके से बता पाएंगे कि आपके लिए ये उपाय ठीक हैं या नहीं।
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निष्कर्ष
अगर आपको भी शीघ्र स्खलन उससे जुडी किसी भी तरह की समस्या हो रही है, तो आप अपना इलाज कर्मा आयुर्वेदा में आकर करवा सकते हैं। यहां पर सन् 1937 से किडनी और अन्य कई बीमारी के रोगियों का इलाज किया जा रहा है और हाल ही में इसे डॉ. पुनीत धवन संभाल रहे हैं। डॉ. पुनीत न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में किडनी की बीमारी से जूझ रहे रोगियों का इलाज कर रहे हैं, क्योंकि आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मा आयुर्वेदा डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ही भारतीय आयुर्वेद के सहारे किडनी फेलियर का इलाज कर रहा है।

Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.
Patient Success Stories
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Sheela Jain
"I chose Ayukarma for gallbladder stones. In a month, my symptoms eased, and scans showed major improvement. After two months, the stones were gone."


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