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महिला बवासीर के उपाय

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महिला बवासीर के उपाय

महिला बवासीर क्या है?

महिला बवासीर (Female Hemorrhoids) एक ऐसी चिकित्सा स्थिति है, जिसमें मलाशय (Rectum) और गुदा (Anus) की नसों में सूजन आ जाती है। यह स्थिति गुदा क्षेत्र में अत्यधिक दबाव पड़ने से उत्पन्न होती है, जिससे खुजली या जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर कई कारक गुदा पर दबाव का कारण बन सकते हैं जैसे, गर्भावस्था, गर्भपात, पुरानी कब्ज की समस्या और अधिक वजन उठाना आदि। हालांकि, कुछ उपचार विकल्पों से महिला बवासीर का प्रभावी इलाज संभव है। इस ब्लॉग में हम महिला बवासीर के उपाय, लक्षण और कारण की चर्चा करेंगे।

महिला बवासीर के उपाय

महिला बवासीर के लक्षण
महिला बवासीर के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर हो सकते हैं। इसके कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: 

  • गुदा से रक्तस्राव
  • दर्द और असुविधा
  • खुजली और जलन
  • गांठ या सूजन
  • गुदा के पास लालपन
  • मलत्याग में कठिनाई
  • बार-बार मलत्याग की इच्छा

महिला बवासीर के कारण
कई जोखिम कारक महिला बवासीर के विकास का प्रमुख कारण बन सकते हैं, जैसे:

  • कब्ज़
  • गर्भावस्था
  • आनुवांशिकता
  • अधिक आयु
  • हॉर्मोनल बदलाव
  • फाइबर का कम सेवन
  • अत्यधिक बैठना
  • ज्यादा देर खड़े रहना

महिला बवासीर के उपाय
निम्नलिखित उपाय महिला बवासीर के इलाज में फायदेमंद हो सकते हैं:

  • ज्यादा देर तक बैठने या खड़े रहने से बचें- ज्यादा देर तक बैठने या खड़े रहने से गुदा क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव डलता है, जिससे बवासीर की समस्या गंभीर हो सकती है। इसके लिए ज्यादा देर तक बैठने से बचना सबसे अच्छा उपाय है। 
  • समय पर ब्रेक लेना सुनिश्चित करें- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने से बवासीर के लक्षण बढ़ सकते हैं। ऐसे में समय पर ब्रेक लेना सुनिश्चित करें। इससे बवासीर की समस्या में आराम मिल सकता है।
  • फाइबर वाले आहार का अधिक सेवन- फाइबर से भरपूर आहार का सेवन कब्ज़ को दूर करता है। इसके लिए आप फल, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन कर सकते हैं। यह खाद्य विकल्प मलत्याग को आसान बनाते हैं और बवासीर के लक्षणों को कम करते हैं।
    महिला बवासीर के उपाय
  • आसानी से पचने वाले आहार का सेवन करें- कब्ज़ और बवासीर की समस्या के उपचार में आसानी से पचने वाले आहार का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए आप सूप, दलिया और उबली हुई सब्जियों को आहार में शामिल कर सकते हैं।
  • वजन को नियंत्रित रखना- अधिक वजन से बवासीर की समस्या को बढ़ावा मिल सकता है। ऐसे में संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से आप वजन को नियंत्रित रख सकते हैं, जिससे बवासीर की समस्या ठीक हो सकती है।
    महिला बवासीर के उपाय

महिला बवासीर का उपचार
महिला बवासीर के इलाज में कई आयुर्वेदिक औषधियां फायदेमंद हो सकती हैं। ऐसे ही कुछ अन्य उपचार विकल्प हैं:   

सारिवा- सारिवा में सैपोनिन, एल्केलॉइड्स, फ्लेवोनायड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। साथ ही इनसे खून को साफ करने, सूजन को नियंत्रित करने और महिला बवासीर के इलाज में मदद मिलती है।

हरड़- हरड़ विटामिन-C, टैनिन और एसिटिक गुणों का सबसे अच्छा स्रोत है। यह तत्व आंतों को स्वस्थ रखने, पाचन को सुधारने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में लाभकारी हो सकते हैं। साथ ही इसके सेवन से कब्ज की समस्या दूर होती है और मलत्याग आसान होता है, जिससे महिला बवासीर के लक्षण कम हो सकते हैं।  

त्रिफला- त्रिफला, महिला बवासीर के लिए प्रभावी उपचार विकल्प हो सकता है। इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे, विटामिन-C, फाइबर, टैनिनस, एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लेवोनॉयड्स। यह रक्त प्रवाह को सुचारु बनाते हैं, सूजन कम करते हैं, शरीर को डिटॉक्स करते हैं और इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं, जिससे महिला बवासीर के लक्षण नियंत्रित हो सकते हैं।

त्रिफला

एलोवेरा- महिला बवासीर के इलाज में एलोवेरा का उपयोग बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसमें विटामिन्स, फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे गुण मौजूद होते हैं। यह  बवासीर के कारण होने वाले दर्द, सूजन और जलन को शांत करते हैं। साथ ही इससे त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने और बवासीर के लक्षण कम करने में मदद मिलती है। 

आंवला- आंवला से महिला बवासीर को प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है। इसमें विटामिन्स, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह पाचन को उत्तेजित करने, शरीर को ऊर्जा देने और आंतों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। इसके अलावा आंवला का नियमित सेवन खून को साफ और बवासीर की समस्या से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है।

आंवला-

गिलोय- गिलोय में एल्केलॉइड्स, ग्लाइकोसाइड्स और फ्लेवोनॉयड्स जैसे पोषक तत्व होते हैं। इनसे कब्ज़ को दूर, पाचन तंत्र को मजबूत, दर्द को कम और सूजन को नियंत्रित करने जैसे फायदे मिल सकते हैं। साथ ही गिलोय का नियमित सेवन शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालने में सहायक है, जिससे बवासीर की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।  

महिला बवासीर के उपाय

अगर आप भी महिला बवासीर के उपाय जानना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, आप केवल इन उपायों पर निर्भर न रहें और कोई भी उपचार विकल्प चुनने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। सेहत से जुड़े ऐसे ही ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।


 

Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan – Ayurvedic Expert

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues. With a strong academic background in Ayurveda (BAMS) and years of clinical experience, the blend of Ayurvedic wisdom with practical lifestyle guidance in his treatment approach has helped thousands overcome their health issues.

His USP is not just personalized herbal treatments, but meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms. His friendly nature, clear explanations, and commitment to promoting safe, holistic healing through Ayurveda stand out in the PR dominated world.

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