For Indian Patients
+91 9971928080
For USA Patients
+1 9298008690
AyuKarma AyurvedaKarma Ayurveda
Ayukarma
🌿 Health

फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है

फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है ...

🛡️

100% Organic

Pure Ayurvedic Extracts

👨‍⚕️

Expert Care

Certified Specialists

🏛️

84+ Years

Healing Heritage

Book Appointment

Get authentic, certified Ayurvedic diagnosis & guidance.

Phone
December 20, 2025| By Dr. Puneet Dhawan
फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है

फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है

जभी किसी व्यक्ति के फेफड़ों में पानी भरने लगता है, तो उसे बहुत सी स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। शुरू-शुरू में यह समस्या हल्की लग सकती है, लेकिन जैसे-जैसे फेफड़ों के आसपास तरल बढ़ता है, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दबाव, कमजोरी और जल्दी थकान जैसी परेशानियाँ बढ़ने लगती हैं। कई बार व्यक्ति को लेटते ही ज्यादा सांस फूलने लगती है, रात में खांसी बढ़ जाती है और ऑक्सीजन का स्तर भी गिरने लगता है। यह स्थिति शरीर को अंदर से कमजोर करती है और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल बना देती है। आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे की फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है, पर सबसे पहले हम जानेंगे की फेफड़ों में पानी भरना होता क्या है? 

फेफड़ों में पानी भरना क्या होता है? 

फेफड़ों में पानी भरना एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें फेफड़ों के ठीक बाहर आसपास  मौजूद प्लूरल स्पेस में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। सामान्य रूप से इस जगह पर बहुत ही कम मात्रा में नमी रहती है, ताकि फेफड़े आसानी से फैल और सिकुड़ सकें। लेकिन जब शरीर में किसी बीमारी, सूजन, संक्रमण या तरल संतुलन के गड़बड़ होने की वजह से यह नमी अधिक मात्रा में तरल के रूप में जमा होने लगती है, तो फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है। मेडिकल भाषा में इसे Pleural Effusion कहा जाता है, और यह अक्सर किसी अन्य आंतरिक बीमारी का संकेत होता है, इसलिए इसका सही कारण जानकर इलाज करना बहुत जरूरी है। 

ये समस्या गंभीर कब होती है?

ये समस्या तब गंभीर हो जाती है जब, दबाव के कारण फेफड़े पूरी तरह फैल नहीं पाते, और व्यक्ति को सांस फूलना, सीने में भारीपन, खांसी और थकान जैसी परेशानियाँ शुरू हो जाती हैं। और अगर तरल अधिक मात्रा में जमा हो जाए तो ऑक्सीजन का लेवल भी कम होने लगता है। साथ ही गंभीरता तब भी बढ़ जाती है जब इसका कारण दिल की कमजोरी, किडनी की समस्या, लिवर रोग, गंभीर संक्रमण या कैंसर से जुड़ा होता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Pleural Effusion कहा जाता है। इसलिए इसका कारण जानकर तुरंत उपचार करना जरूरी होता है।क्योंकि इलाज में देरी फेफड़ों और पूरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। 

फेफड़ों में पानी भरने के लक्षण

फेफड़ों में पानी भरने पर शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है। क्योंकि जब फेफड़ों के आसपास तरल जमा हो जाता है, तो फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है जिससे सांस लेने की क्षमता कम होने लगती है। और इस वजह से व्यक्ति को सांस से जुड़ी और शरीर में ऑक्सीजन की कमी से जुड़ी समस्याएँ महसूस होने लगती हैं।

इसके अलावा कुछ मुख्य लक्षण है,

  • थकान और कमजोरी

  • सीने में बेचैनी और दर्द

  • सूखी या बलगम वाली खांसी

  • गहरी सांस लेने पर दर्द होना 

  • रात में अचानक सांस फूलना

  • पैरों में सूजन

  • गर्दन की नसों का उभरा दिखना

  • भूख कम लगना

  • बेचैनी महसूस होना

फेफड़ों में पानी भरने के कारण 

फेफड़ों में पानी भरने के कारण कई तरह की आंतरिक समस्याओं से जुड़े होते हैं। क्योंकि जब शरीर तरल संतुलन ठीक से नहीं संभाल पाता या किसी बीमारी की वजह से फेफड़ों के आसपास सूजन और दबाव बढ़ने लगता है, तब प्लूरल स्पेस में पानी जमा होने लगता है।

सबसे सामान्य कारण हैं, 

  • हृदय संबंधी समस्याएं

  • शरीर में प्रोटीन की कमी

  • फेफड़ों में चोट

  • फेफड़ों का संक्रमण जैसे निमोनिया या टीबी

  • लिवर सिरोसिस या लीवर से जुड़ी समस्याएँ

  • किडनी की बीमारी

  • गंभीर एलर्जी या सूजन की स्थिति

फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है

  1. कंटकारी

  2. पुनर्नवा

  3. अडूसा 

  4. गिलोय

  5. नियमित प्राणायाम

 

  1. कंटकारी - आयुर्वेद में कंटकारी को श्वसन तंत्र की प्रमुख औषधियों में से एक माना जाता है, और फेफड़ों में पानी भरने जैसी समस्या में इसका उपयोग विशेष रूप से सहायक माना जाता है। क्योंकि जब फेफड़ों के आसपास कफ और तरल पदार्थ जमा होने लगता है, तब कंटकारी उसे धीरे-धीरे गलाकर बाहर निकालने की प्रक्रिया को सहज बनाती है। इसके अलावा कंटकारी का एक बड़ा लाभ यह है कि यह फेफड़ों में जमी सूजन को कम करने में सहायता करती है। सूजन कम होने से फेफड़ों पर दबाव घटता है और सांस लेने में राहत महसूस होती है। 


     
  2. पुनर्नवा - पुनर्नवा को आयुर्वेद में बहुत ही प्रभावी औषधियों में से एक माना जाता है। यह शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने वाली प्रमुख औषधि माना गया है, इसलिए फेफड़ों में पानी भरने की स्थिति में इसका विशेष महत्व बताया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ इसका मूत्रल प्रभाव है। यह शरीर के प्राकृतिक निष्कासन तंत्र को सक्रिय करती है, जिससे रुका हुआ अतिरिक्त जल मूत्र के माध्यम से बाहर निकलने लगता है। इसके साथ ही पुनर्नवा में सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। फेफड़ों में पानी भरने पर वहां सूजन और दबाव बढ़ जाता है, जिससे सांस उखड़ने लगती है।
    पुनर्नवा

     
  3. अडूसा - अडूसा का मुख्य गुण कफ को पतला करके बाहर निकालना है। और जब फेफड़ों में पानी भरने लगता है, तो वहां सूजन, कफ का जमाव और सांस लेने में रुकावट पैदा हो जाती है। अडूसा इन तीनों पहलुओं पर एक साथ काम करके राहत देने में सहायक माना जाता है। साथ ही यह फेफड़ों को मजबूत करने और श्वसन मार्गों को साफ रखने में भी सहायक माना जाता है। यह बार-बार होने है।
    अडूसा

     
  4. गिलोय - गिलोय को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली रसयान औषधि माना गया है, और आयुर्वेद के अनुसार जब कफ दोष बढ़ जाता है और शरीर में सूजन व संक्रमण की स्थिति बनती है, तब फेफड़ों के आसपास तरल पदार्थ जमा होने लगता है। गिलोय इस असंतुलन को धीरे-धीरे सुधारने में मदद करती है। यही नहीं ये सूजन को शांत करके फेफड़ों पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है और श्वसन तंत्र को राहत देती है। जिस वजह से सांस फूलने और घुटन जैसी समस्याओं में धीरे-धीरे सुधार महसूस हो सकता है।

    गिलोय

     
  5. नियमित प्राणायाम - आयुर्वेद में नियमित प्राणायाम और योग दोनों को ही एक सहायक उपाय माना गया है। इससे फेफड़ों का फैलाव और सिकुड़ाव बेहतर होता है, जिससे उनमें जमी हुई निष्क्रिय हवा और कफ बाहर निकलने की प्रक्रिया को सहारा मिलता है और सांस फूलना, भारीपन और घुटन जैसी शिकायतों में धीरे-धीरे राहत महसूस हो सकती है। इसके अलावा नियमित प्राणायाम शरीर की सूजन को शांत करने और तंत्रिका तंत्र को संतुलित करने में मदद करता है। तनाव और बेचैनी कम होने से सांस की गति सामान्य होने लगती है, जिससे फेफड़ों को आराम मिलता है।

आज इस आर्टिकल में हमने बताया फेफड़ों में पानी कैसे निकाला जाता है, और आपने जाना की कैसे कुछ आयुर्वेदिक उपचार से इस समस्या में आपके काम आ सकते हैं, लेकिन आप केवल इन सुझावों पर निर्भर ना रहें समस्या अगर ज्यादा गंभीर है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें, और ऐसे ही आर्टिकल और ब्लॉग्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।






FAQ
 

  • फेफड़ों में पानी सुखाने के लिए कौन सी दवा है?
    फेफड़ों में पानी सुखाने के लिए कोई एक खास दवा नहीं होती। सही दवा हमेशा डॉक्टर जांच के बाद ही तय करते हैं।

  • फेफड़ों में अगर पानी भर जाए तो क्या करना चाहिए?
    फेफड़ों में पानी भरने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, जांच कराकर कारण पता करना चाहिए और खुद से इलाज नहीं करना चाहिए।

  • छाती से पानी क्यों निकलता है?
    छाती से पानी दिल, फेफड़े, किडनी या संक्रमण की बीमारी के कारण निकलता है, जब शरीर में तरल संतुलन बिगड़ जाता है।

  • मनुष्य के फेफड़ों में कितना पानी होता है?
    स्वस्थ व्यक्ति के फेफड़ों में सामान्यतः पानी जमा नहीं होता, केवल बहुत कम मात्रा में नमी होती है जो श्वसन के लिए जरूरी होती है।

Recommended Care for Health

Karma Ayurveda KRM-Ren-Plus Ultra Kwath – Ayurvedic Kidney Detox & Creatinine Support Kit (Ministry of Ayush Approved)
Verified Formulation

Karma Ayurveda KRM-Ren-Plus Ultra Kwath – Ayurvedic Kidney Detox & Creatinine Support Kit (Ministry of Ayush Approved)

Ayurvedic Kidney Detox Kit for individuals with high creatinine, high BP, diabetes, high uric acid, alcohol consumption habits, frequent painkiller use or early signs of kidney stress.

100% Herbal Expert Formulated Safe & Natural
Special Price₹4500
Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.

His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.

Patient Success Stories

View All 110+ Reviews
Muscular Dystrophy (Supportive Care)

"Managing muscle wasting and fatigue was an ongoing struggle until we started Ayukarma’s supportive Ayurvedic therapy. Their customized herbal preparations helped slow down muscle degeneration and boosted overall physical energy over sixteen weeks. My son feels much stronger, and his motor coordination has improved. Ayukarma’s doctors showed incredible dedication to our family’s health."

S

Sunita Kulkarni

Belgaum • Verified Patient

Pleurisy

"Sharp, stabbing chest pain every time I took a deep breath or coughed made pleurisy a miserable experience. Seeking natural relief for lung lining inflammation, I consulted Ayukarma. Their doctors prescribed powerful anti-inflammatory and Kapha-soothing chest formulations. Within three weeks, the sharp respiratory pain subsided, and my breathing felt smooth and painless. Ayukarma healed my pleurisy rapidly and strengthened my lungs completely."

R

Rajesh Bhalla

Jalandhar • Verified Patient

Patient Recovery Stories

Chronic Kidney Disease Natural Recovery & Creatinine Improvement
Success Story
Watch

Chronic Kidney Disease Natural Recovery & Creatinine Improvement

Karma Ayurveda Hospital
Kidney CarePatient Recovery Story
Reduced High Creatinine Levels Naturally with Ayurveda
Verified Result
Watch

Reduced High Creatinine Levels Naturally with Ayurveda

Karma Ayurveda Hospital
Renal CareKidney Health Journey
How to Avoid Dialysis Naturally with Holistic Ayurvedic Treatment
Dialysis Free
Watch

How to Avoid Dialysis Naturally with Holistic Ayurvedic Treatment

Karma Ayurveda Hospital
Dialysis AlternativeDialysis Reversal Story
Natural Healing from Stage 4 Kidney Disease Without Surgery
Stage 4 Recovery
Watch

Natural Healing from Stage 4 Kidney Disease Without Surgery

Karma Ayurveda Hospital
Kidney CareStage 4 CKD Patient
Complete Kidney Function Restoration and Relief from Swelling
GFR Improved
Watch

Complete Kidney Function Restoration and Relief from Swelling

Karma Ayurveda Hospital
Renal HealthPatient Testimonial
Ayurvedic Nephrology Treatment & Urea Reduction Journey
Urea Normalized
Watch

Ayurvedic Nephrology Treatment & Urea Reduction Journey

Karma Ayurveda Hospital
NephrologyNephro Recovery Experience
Ayurvedic Kidney Detox & Organic Healing Transformation
Detox Success
Watch

Ayurvedic Kidney Detox & Organic Healing Transformation

Karma Ayurveda Hospital
Natural DetoxHolistic Recovery
Overcoming Kidney Damage with Pure Ayurvedic Medicines
Natural Cure
Watch

Overcoming Kidney Damage with Pure Ayurvedic Medicines

Karma Ayurveda Hospital
Ayurvedic CareLife Changing Experience

Patient Medical Reports

G.S. Rawat Medical Report
Verified Clinical Report
Patient Medical Record

G.S. Rawat

Kidney Function Test (KFT) Lab Report

View Full Lab Report
Smt. Nirmala Devi Medical Report
Verified Clinical Report
Patient Medical Record

Smt. Nirmala Devi

Creatinine & Urea Improvement Report

View Full Lab Report
Bhupen Medical Report
Verified Clinical Report
Patient Medical Record

Bhupen

Renal Function Restoration Analysis

View Full Lab Report
Permia Medical Report
Verified Clinical Report
Patient Medical Record

Permia

Post-Treatment Clinical Evaluation

View Full Lab Report
Recommended Reading

Related Health Articles

Explore more specialized Ayurvedic remedies, health insights, and clinical advice related to this topic.

Talk to Our Care Experts