प्रोस्टेट केवल पुरुषों में पाई जाने वाली ग्रंथि होती है जो पुरुषों के शरीर में मूत्राशय के निचे और लिंग के उपर होता है ये ग्रन्थि बहुत विशेष कार्य करती है, इसमें एसे फ्लूड होते हैं जो स्पर्म सेल के साथ मिलकर सीमन यानी वीर्य बनाता है, जब यही प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने लगती है तब प्रोस्टेट कैंसर की संभावनाएं भी बढ़ जाती है।
इस कैंसर का डर 50 से 60 के उम्र के आदमियों में बढ़ जाता है, इस कैंसर के होने का कोई निश्चित कारण नहीं है, पर कुछ अनिश्चित कारण हैं जो हम आपको बता सकते हैं इसलिए आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण और कारण।
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प्रोस्टेट कैंसर के कारण
1. जेनेटिक्स

यदि जेनेटिक्स इस कैंसर का कारण होता है तो इसका खतरा और भी बढ़ जाता है क्योंकि ये एक जनरेशन से दुसरे जनरेशन में ट्रान्सफर हो सकते हैं, फिर ये 50 से 60 नहीं बल्कि कम उम्र में ही लडको को अपना शिकार बना देते हैं।
2. 50 से ज्यादा उम्र वाले आदमी

50 से ज्यादा उम्र के व्यक्तिओं में इसका खतरा ज्यादा होता है, और 65 के बाद ये नार्मल हो जाता है इसलिए ज़रा सी संका से भी 40 से 50 की उम्र में कैंसर के अर्ली स्टेज में ही डॉक्टर से सम्पर्क कर के अपना चेक अप करा लेना चाहिए।
3. बेकार डाइट प्लान

यदि हमारे शरीर में किसी भी चीज़ को लेकर संका हो तो हम बहुत बार देखते नहीं है या ध्यान नहीं देते। सबसे पहले हमें हर चीज़ में खाने में परहेज़ करना चाहिए क्योंकि बुरे डाइट, सिग्रेट और शराब से कैंसर की संभावनाएं और बढ़ जाती है।
4.पारिवारिक इतिहास

अगर किसी परिवार में पिता या भाई को समस्या है, तो उस परिवार के अन्य पुरुष सदस्यों को इसका डर और भी बढ़ जाता है इसलिए हमेशा परिवार के अन्य सदस्यों को सचेत रहना चाहिए और ज़रा सी संका पर भी डॉक्टर से ज़रूर सम्पर्क करें।
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प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण
1. यूरिन और सिमन में खून

अगर कैंसर समय के साथ बढ़ता है तो ये प्रोस्टेट के आस पास भी फेलने लगता है, जिससे सिमन और उरिन में भी खून आ सकता है।
2. सेक्सुअल फंक्शन में दिक्कत

कैंसर के कारण सेक्सुअल इंटरकोर्स के समय वीर्यपात भी बहुत जल्दी या होने में बहुत समस्या होती है कभी कभी इसमें दर्द, और रक्त भी देख सकते हैं।
3. यूरिन से जुड़ी समस्याएं

इस स्थिति में यूरिन में बहुत परेशानी आती है जेसे बार बार पेशाब आना, उरिन पर कंट्रोल न होना, पेशाब के समय दर्द या जलन होना।
4. कमर के नीचे दर्द होना

ये समस्या ज़्यादा तब होती है जब कैंसर अपने मुख्य चरण पर होता है, इसमें कमर, पेल्विक एरिया और हिप्स में दर्द होने की हमेशा शिकायत होती है।
5. वजन कम होना

इस स्थिति में व्यक्ति को हमेशा थकान, कमज़ोरी और एनर्जी की कमी महसूस होती है जिस वजह से उसका वजन भी कम होने लगता है।
निष्कर्ष
आज हमने आपको इस आर्टिकल में बताया प्रोस्टेट कैंसर के बारे में और केसे ये कैंसर समय के साथ और भी हानिकारक होता जाता है, इसलिए 50 से 60 की उम्र तक डॉक्टर से चेकअप ज़रूर कराएँ और यदि ये समस्या परिवार में पहले भी किसी को है तो 40 तक चेकअप ज़रूर कराए। अंत में एसे ही हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।
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