पेशाब में खून आने की स्थिती को हम हेमट्यूरिया भी कहते हैं, इसमें पेशाब में रेड ब्लड सेल्स भी मौजूद रहते हैं, जिसकी वजह से पेशाब का रंग लाल, भूरा और गुलाबी भी हो सकता है, इसके होने का अर्थ ये भी होता कि एक शरीर में ज़रूर किसी चीज़ की कमी या कोई समस्या का विषय है, चाहे वो समस्या बड़ी हो या छोटी, समय के साथ वो भी एक हानि का विषय बन सकता है, इसके होने कि वजह एक नहीं बल्कि बहुत से कारण हैं, जिस पर हम सबसे पहले ध्यान देंगे और आपको बताएंगे पेशाब में खून आने के घरेलू उपचार।
पेशाब में खून आने के कारण
- गुर्दे में पथरी
- ब्लैडर में पथरी
- यु टी आई (UTI)
- किडनी में इन्फेक्शन
- दवाइयां
- अत्यधिक परिश्रम
- कैंसर
पेशाब में खून आने के घरेलू उपचार
- हमेशा हाइड्रेट रहना
- हर्बल चाय
- विटामिन C
- विशेष चीजों से करें परहेज़
- क्रैनबेरी जूस
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1. हमेशा हाइड्रेट रहना

समय से और साफ़ पानी पिने से मूत्रालय से सारे इन्फेक्शन को पेशाब के रूप में बाहर आ जाते हैं, और ज़्यादा पानी पिने से यूरिन को डाईल्युट करता है जिससे यूरिन से होने वाली जलन और दर्द की संभावनाएं भी कम हो जाती है इसलिए कोशिश करें की आप रोज़ 8 से 10 गिलास पानी ज़रूर पिएं।
2. हर्बल चाय

कोई भी हर्बल चाय आपकी सेहत के लिए अच्छे होते हैं इसलिए कॉफ़ी और चाय के स्थान पर इसे ज़रूर लें, ध्यान रहे बहुत से लोगों को हर्बल चाय के किसी भी विशेष पदार्थ से एलर्जी हो सकती है इसलिए पहले शुरुआत में थोड़े से ही शुरू करें अगर आपको किसी भी तरह की संका हो तो डॉक्टर से ज़रूर सम्पर्क करें।
3. विटामिन C

हेमट्यूरिया की स्थिति में आप अपने खाने में विटामिन C को ज़रूर जोड़ें, ये आपके इम्यून सिस्टम को स्ट्रोंग बनाता है। जिस वजह से बैक्टीरिया नहीं बढ़ पाते, इसलिए विटामिन C वाले फलों को अपनी डाइट में जोड़ें।
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4. विशेष चीजों से करें परहेज़

एसे खाने और पिने में परहेज़ लायें जो आपके स्वस्थ को और भी बिगाड़ सकता है, जेसे शराब, ज़्यादा तेल मसाले वाले खाने, कैफीन, और कोल्ड ड्रिंक्स बताई गई ये सभी चीज़ें आपके सेहत के लिए हानिकारक है। यदि आप पहले से ही किसी स्वास्थ्य संबंधी चीज़ों से परेशान हैं तो इन सभी चीज़ों को अवॉयड करें।
5. क्रैनबेरी जूस

क्रैनबेरी में कुछ विशेष गुण होते हैं जिसे proanthocyanidins कहा जाता है। इसे UTI में भी बहुत असरदार माना जाता है। ये ब्लैडर में बैक्टीरिया को चिपकने नहीं देता जिस वजह से यूरिन से जुडी परेशानियाँ कम हो जाती है।
6. आराम करें

बहुत बार ये परेशानी ज़्यादा शारीरिक कार्य और थकावट के कारण भी हो सकता है कोशिश करें कि आप कुछ दिन का आराम ज़रूर लें और हल्का व्यायाम भी ज़रूर करें।
निष्कर्ष
हमारे द्वारा बताये गये ये सभी उपाय घरेलू उपचार हैं इसलिए अपनी सुविधा के अनुसार इसे ध्यान से सही मात्रा में प्रयोग में ले, ज़्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें, और एसे ही हेल्थ से रिलेटेड सभी आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें आप आयु कर्मा के साथ।
Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.