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थायराइड में सांस फूलना

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थायराइड में सांस फूलना

थायराइड में सांस फूलना

थायराइड की समस्या होने पर कई मरीजों में सांस फूलने की समस्या होती है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है ? रोगी को थायराइड में सांस लेने में तकलीफ क्यों होती है? यहां तक कि थायराइड की दवा लेने के बाद भी सांस क्यों फूलती है? इन सवालों का जवाब आपको आज आयुकर्मा इस ब्लॉग में मिलेगा। ऐसी कई वजह हैं, जिनमें से एक वजह है थायराइड ग्रंथि का बढ़ना। थायराइड ग्रंथि के बढ़ने से गले और श्वासनली पर दबाव पड़ता है। इस वजह से भी थायराइड में सांस फूलना जैसी समस्या लोगों को हो जाती है । थायराइड रोग किसी को भी हो सकता है। चाहे बच्चा हो या बुज़ुर्ग, महिला हो या पुरुष – यह समस्या उम्र और लिंग की सीमा से परे है। हालांकि, महिलाओं में इसके होने का अंदेशा पुरुषों की तुलना में अधिक रहता है। थायराइड के लक्षण महिलाओं में आम तौर पर इस प्रकार के होते हैं जैसे -- थकान, वजन बढ़ना या घटना, बालों का झड़ना, मानसिक चिड़चिड़ापन और  पीरियड्स का इर्रेग्युलर होना। इसके अलावा स्किन सूखी और फूल जाती है। आज हम आपको बतायेगे कि थायराइड में सांस फूलने के क्या क्या कारण हो सकते हैं। साथ ही इस बिमारी के लक्षण और आयुर्वेदिक उपायों के बारे में भी आपको जानकारी देंगे। 

थायराइड में सांस फूलने का कारण 

थायराइड में सांस फूलना लोगों के लिए एक गंभीर और बड़ी समस्या का विषय है। थायराइड के मरीज अक्सर ठीक से सांस नहीं ले पाते । उन्हें सांस लेने में काफी कठिनाई महसूस होती है। थायराइड में सांस फूलने का मुख्य कारण इंबैलेंस्ड हार्मोन है और थायराइड ग्रंथि यानी गलगंड का बढ़ना है। ऐसे ही कुछ अन्य कारण भी हैं जो नीचे दिए जा रहे हैं। 

1. गलगंड-- बढ़ी हुई थायराइड श्वासनली पर दबाव डालती है, जिससे गले में घुटन और सांस लेने में कठिनाई होती है।

2. हाइपरथायराइडिज्म और सांस फूलना-- हाइपरथायराइडिज़्म थायराइड की समस्या होने पर , हार्मोन शरीर में सामान्य से अधिक हो जाता है। हार्मोन ज्यादा बनने से हार्ट बीट तेज हो जाती है और इससे शरीर में ऑक्सीजन जरूरत बढ़ जाती है। इस वजह से मरीज अगर हल्का काम भी करता है तो भी उसकी सांस फूलने लगती है। 

3. हाइपोथायराइडिज़्म -- हाइपोथायराइडिज़्म में मांसपेशियों की कमजोरी और शरीर में सूजन आने  के कारण फेफड़ों की कार्य क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से हल्का काम करने पर भी रोगी की सांस फूल सकती है। 

4. दिल और फेफड़ों पर असर -- लंबे समय तक जब थायराइड की समस्या हार्ट और फेफड़ों पर दबाव डालती है तो सांस लेने की दिक्क्तें बढ़ जाती हैं। 

थायराइड में सांस फूलने के लक्षण 

थायराइड का सही कारण क्या है इसके लिए उसके लक्षणों को जानना समझना बहुत जरूरी है। कोई भी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट या डॉक्टर आपके लक्षणों के जरिए ही रोग के सही कारण को जानकार, सही उपचार विधि आपके लिए तैयार करेगा। आइए आपको ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में बताते हैं 

1. हल्का काम करने या चलने पर जल्दी थकान होना और सांस का फूलना।

2. आराम करने पर भी घुटन या सांस लेने में कठिनाई महसूस करना ।

3. दिल की धड़कन का तेज होना।  

4. गॉलगंड बढ़ने से थायराइड में गला दबने जैसा महसूस होना। 

5 . रोगी को थकान और कमजोरी महसूस होना। इसके अलावा रोगी की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। 

देशभर में हर साल करोड़ों लोग थायराइड की समस्या से पीड़ित होते हैं । कई अध्ययनों का दावा है कि देश में हर दस में से एक आदमी थायराइड की समस्या से जूझ रहा है । ऊपर लिखे गए कारणों और लक्षणों को पढ़ते ही आप समझ गए होंगे कि थायराइड में सांस फूलना एक आम और बड़ी समस्या है। इस समस्या से आराम पाने के लिए आप कुछ आसान और किफायती आयुर्वेदिक उपायों को अपना सकते हैं। जिससे सांस फूलने की समस्या से आपको राहत मिलेगी।  

थायराइड में सांस फूलने के आयुर्वेदिक उपाय 

1. त्रिफला चूर्ण-- त्रिफला एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसका चूर्ण थायराइड में पाचन सुधारकर और शरीर से विषैले पदार्थ निकालकर शरीर को हल्का रखता है। इससे थकान और भारीपन कम होता है और सांस लेने में आसानी होती है। त्रिफला चूर्ण रोजाना लेने से हार्मोन बैलेंस में रहता है और इससे सांस फूलने की समस्या कम होती है। 
त्रिफला

2. अश्वगंधा– यह औषधि शरीर और मस्तिष्क दोनों को शांत रखती है। यह थायराइड हार्मोन को बैलेंस में रखती है। इसके अलावा इससे मांसपेशियों की कमजोरी दूर होती है। यह शरीर में एनर्जी बढाकर  थकान और सांस फूलने की समस्या को घटाने में मदद करती है।
अश्वगंधा

 

 

3. ब्राह्मी-- थायराइड समस्या में ब्राह्मी के गुण मानसिक और शारीरिक संतुलन को बनाए रखने में आपकी मदद करते हैं। यह औषधि आपके स्ट्रेस और चिंता को कम करती है ,जिससे हृदय और श्वसन प्रणाली पर दबाव कम होता है। ब्राह्मी औषधि का रोजाना सेवन करने से सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है और थकान कम महसूस होती है।
Waterhyssop

 

 

4. योग और प्राणायाम-- ये थायराइड में सांस लेने की समस्या को कम करने में आपकी मदद करते हैं। अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाते हैं। इसकी वजह से शरीर को ऑक्सीजन सही से मिलती है। योग और प्राणायाम स्ट्रेस को कम करके दिल और मांसपेशियों को मजबूत रखता है, जिससे रोगी में सांस फूलने की समस्या कम हो सकती है। 
योग और प्राणायाम

 

5. आहार में सुधार-- आपका सही खानपान थायराइड में सांस फूलने की समस्या को कम करता है । ताजे फल, हरी सब्ज़ियाँ और कम प्रोसेस्ड खाना शरीर को हल्का रखते हैं और एनर्जी बढ़ाते हैं। सोयाबीन, गोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्ज़ियों को कम खाने से हार्मोन संतुलन में बने रहते हैं। 

आहार में सुधार

 

आज के इस ब्लॉग में हमने थायराइड में सांस फूलना के विषय को लेकर चर्चा की। जिसमें हमने आपको बताया कि थायराइड समस्या में सांस क्यों फूलती है। 

इसके पीछे के क्या कारण है और इसके लक्षण क्या है ? कारणों और लक्षणों के अलावा हमने इस समस्या के समाधान के बारे में भी आपको जानकारी दी। लेख में कुछ आयुर्वेदिक तरीके आपको बताए गए , जिसे अपनाकर थायराइड में सांस फूलने की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।  लेकिन ध्यान रहे ये ये उपाय आप आयुर्वेदिक एक्सपर्ट या डॉक्टर की निगरानी में ही अपनाएं जिससे आप जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकें और थायराइड में सांस फूलने की समस्या से राहत पा सकें। मिलते हैं आयुकर्मा के अगले ब्लॉग में। 


 

FAQ

 

  • क्या थायराइड से सांस फूलती है?
    हां यह सच है कि थायराइड की गड़बड़ी से कई बार सांस फूलने लगती है। ऐसा हार्मोन इंबैलेंस्ड ,गले की सूजन यानी गलगंड की वजह से होता है। इसके अलावा थायराइड से सांस फूलने के पीछे एक कारण  दिल–फेफड़ों पर दबाव भी है। 
     
  • सांस की तकलीफ के 3 गंभीर लक्षण क्या हैं?
    आराम की अवस्था में भी सांस लेने में कठिनाई होना। सीने में दर्द या दबाव के साथ सांस फूलना।  इसके अलावा होठों या उंगलियों का नीला पड़ जाना, जो कि ऑक्सीजन कमी होने का संकेत है। 
     
  • थायराइड से सांस की तकलीफ कैसा महसूस होता है?
    थायराइड से सांस की तकलीफ़ होने पर रोगी को हल्का काम करने पर भी जल्दी थकान और हांफना महसूस होता है। रोगी को गले में दबाव या भारीपन लग सकता है, जैसे गले मने कोई चीज रास्ता रोक रही हो। कभी-कभी आराम की स्थिति में भी घुटन और गहरी सांस लेने में कठिनाई महसूस हो सकती है। 
     
  • थायराइड में क्या-क्या तकलीफ होती है?
    थायराइड रोगी को कई समस्याएं या तकलीफें हो सकती हैं जैसे थकान, वजन में बदलाव, बाल झड़ना, त्वचा का सूखना और पीरियड्स में गड़बड़ी। साथ ही दिल की धड़कन तेज़ होना, सांस फूलना और मानसिक चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है। 
Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan – Ayurvedic Expert

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues. With a strong academic background in Ayurveda (BAMS) and years of clinical experience, the blend of Ayurvedic wisdom with practical lifestyle guidance in his treatment approach has helped thousands overcome their health issues.

His USP is not just personalized herbal treatments, but meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms. His friendly nature, clear explanations, and commitment to promoting safe, holistic healing through Ayurveda stand out in the PR dominated world.

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