थायराइड को जड़ से खत्म करने के उपाय
थायराइड आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को ही प्रभावित कर रही है। इसके बहुत से लक्षण होते हैं जिससे इसकी पहचान हो सकती है, जिसके विषय में हम आगे बताएंगे, साथ ही आज के इस आर्टिकल में हम थायराइड को जड़ से खत्म करने के उपाय के बारे में बताएंगे साथ ही इसके लक्षणों और कारणों पर भी ध्यान देंगे जिससे लोगों को प्राकृतिक और स्थायी उपाय मिल पाए।

थायराइड के लक्षण
थायराइड की समस्या दो प्रकार की होती है – हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) और हाइपरथायराइडिज्म (Hyperthyroidism) नीचे दोनों समस्याओं के लक्षण बताए गए हैं
हाइपोथायराइडिज्म का मतलब थायराइड की कमी है, जिसके लक्षण है -
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थकान महसूस होना
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ज्यादा ठंड लगना
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कब्ज
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मासिक धर्म चक्र में अनियमितता
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शुष्क त्वचा
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मूड स्विंग्स
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बाल झड़ना
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बिना ज्यादा खाने के वजन बढ़ना
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चेहरा सूजा हुआ लगना
हाइपरथायराइडिज्म का अर्थ थायराइड हार्मोन का अधिक उत्पादन होता हैम जिसके लक्षण हैं -
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घबराहट और चिड़चिड़ापन
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अत्यधिक
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नींद ना आना
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गर्म वातावरण में असहजता
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मांसपेशियों में कमजोरी
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वजन घटना
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भूख में वृद्धि
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मासिक धर्म चक्र में अनियमितता
थायराइड के उपाय
थायराइड की समस्या चाहे वो हाइपोथायराइडिज्म हो या हाइपरथायराइडिज्म हो, दोनों में ही आहार, आयुर्वेदिक उपायों और जीवनशैली काफी हद तक आराम दिला सकता है, नीचे दोनों स्थितियों के लिए अलग-अलग उपाय दिए गए हैं:
हाइपोथायराइडिज्म के उपाय
- प्रोटीन युक्त भोजन - थायराइड हार्मोन सीधे मेटाबोलिज्म से जुड़ा होता है। जब थायराइड सुस्त होता है, तो शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता कम हो जाती है और
प्रोटीन युक्त भोजन खाने से शरीर को पचाने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे मेटाबोलिक रेट बढ़ता है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। साथ ही प्रोटीन में मौजूद एमिनो एसिड थायराइड हार्मोन के निर्माण के लिए जरूरी होते हैं। जिससे हार्मोन का स्तर बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
- आयोडीन युक्त भोजन - हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में जब थायरॉइड हार्मोन नहीं बनते तो इस हार्मोन के निर्माण के लिए शरीर को एक जरूरी खनिज की आवश्यकता होती है जो आयोडीन होता है, और जब थायरॉइड ग्रंथि को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता, तो वह सूज जाती है जिसे गलगंड (Goiter) कहते हैं। आयोडीन युक्त आहार से थायरॉइड का आकार सामान्य बना रहता है।
- त्रिफला - त्रिफला अत्यंत प्रभावशाली हर्बल औषधि होती है ये आंवला , हरड़ और बहेड़ा को मिलाकर बनता है, हाइपोथायराइडिज्म में त्रिफला कई तरह से लाभ पहुंचा सकता है क्योंकि इस समस्या में कब्ज़, गैस और अपच की समस्या होती है और त्रिफला एक प्राकृतिक पाचक है, जो मल को साफ करता है और आँतों को डिटॉक्स करता है। जिससे इससे भूख बेहतर होती है और शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।

हाइपरथायराइडिज्म के उपाय
- शांत करने वाला आहार लें - हाइपरथायराइडिज्म की समस्या में थायरॉयड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा थायरॉइड हार्मोन का निर्माण करती है, जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म तेज हो जाता है। जिस वजह से लोगों को तेज धड़कन, नींद की कमी, चिड़चिड़ापन, वजन घटना और घबराहट जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों पर ध्यान देना चाहिए जिसकी तासीर ठंडी होती है, जैसे खीरा, तरबूज, लौकी, नारियल पानी जो शरीर को ठंडक देते हैं।
- कैफीन और मसालेदार चीज़ों से बचें - हाइपरथायराइडिज्म की स्थिति में कैफीन और मसालेदार चीज़ों से बचें ये दोनों चीजें शरीर में अतिरिक्त गर्मी और उत्तेजना पैदा करती हैं, जिससे हाइपरथायराइड के लक्षण और भी बिगड़ सकते हैं। तीव्र मेटाबोलिज्म के कारण हाइपरथायराइड मरीजों को तेज धड़कन (Palpitations) और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है। कैफीन और तीखे मसाले दिल पर सीधा असर डालते हैं। जिससे इनसे बचने से दिल की गति और रक्तचाप सामान्य बना रहता है।

- जटामांसी - जटामांसी को मुख्य रूप से मानसिक शांति, तंत्रिका तंत्र को संतुलित करने, और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जाता है। हाइपरथायराइडिज्म में थायरॉयड ग्रंथि जरूरत से ज़्यादा हार्मोन बनाती है। जटामांसी एक नैचुरल "थायरॉयड सेडेटिव" की तरह काम करती है, जो थायरॉयड की गतिविधियों को धीरे-धीरे संतुलन में लाती है।
आज के इस आर्टिकल में हमने थायराइड को जड़ से खत्म करने के उपाय, के बारे में, बात करी और आपने जाना की कैसे कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार इस समस्या में आपके काम आ सकते हैं, लेकिन आप सिर्फ इन सुझावों पर निर्भर ना रहें समस्या अगर ज्यादा गंभीर है तो डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें या कर्मा आयुर्वेद अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें अयुकर्मा के साथ।
FAQ
- थायराइड का रामबाण इलाज क्या है?
आयुर्वेद में थायराइड का रामबाण इलाज आहार, योग, जीवनशैली का संतुलन है और नियमित दिनचर्या और भरपूर नींद है।
- थायराइड में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?
थायराइड में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए ये निर्भर करता है की रोगी को कौन सी थायराइड की समस्या है, जैसे थायराइड की कमी पर आपको आयोडीन युक्त भोजन, प्रोटीन युक्त भोजन और फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए
- थायराइड के लिए सुबह खाली पेट क्या पीना चाहिए?
हाइपोथायराइडिज्म में विशेष रूप से सुबह गुनगुना पानी, नींबू, शुद्ध शहद का मिश्रण पीना चाहिए और हाइपरथायराइडिज्म में खीरे और पुदीना का जूस का सेवन करना चाहिए जिससे ये हाइपरथायराइड की गर्म तासीर को शांत करता है।
Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.