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गठिया बाय का रामबाण इलाज

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गठिया बाय का रामबाण इलाज

गठिया बाय का रामबाण इलाज

गठिया बाय एक ऐसी समस्या होती है, जो समय के साथ शरीर की चाल, उठना-बैठना और रोज़मर्रा के जीवन को तकलीफदेह बना देती है, और जोड़ों में सूजन और जकड़न इतना बढ़ जाता है कि सुबह बिस्तर से उठना भी मुश्किल हो जाता है। बहुत से लोग कई तरह की दवाएं, तेल और घरेलू नुस्खे आज़माते रहते हैं, लेकिन उन्हे स्थाई आराम की जगह कुछ समय के लिए ही आराम मिलता है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि क्या गठिया बाय का रामबाण इलाज है, जो सच में लंबे समय तक राहत दे सके? आज इस आर्टिकल में हम इसी सवाल का जवाब ढूंढेंगे कि गठिया बाय की असली वजह क्या है, असरदार प्राकृतिक उपचार, आयुर्वेदिक उपाय और वे चीज़ें जिन्हें अपनाकर दर्द और सूजन को काफी हद त क कंट्रोल किया जा सकता है। 

गठिया बाय क्यों होता है? असली वजह क्या है?

गठिया बाय कई कारणों की वजह से हो सकता है, पर इसकी असली वजह अक्सर शरीर में सूजन, जोड़ों का घिसना या इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी से जुड़ी होती है। अगर हम बात करें, सबसे आम कारणों की तो वो कुछ इस प्रकार है:

  • चोट - फ्रैक्चर, पुरानी चोट या बार-बार मोच आने से जोड़ों में सूजन बन सकती है, जिससे कुछ समय बाद गठिया की समस्या बढ़ जाती है।

  • उम्र - समय के साथ उम्र जैसे ही बढ़ती है, जोड़ों की कार्टिलेज घिसने लगती है।  इसी वजह से 40 से 50 के बाद गठिया होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • आनुवंशिकता - अगर परिवार में किसी को पहले गठिया रहा है, तो गठिया का जोखिम थोड़ा ज़्यादा होता है। 

  • मोटापा - जैसे ही शरीर में मोटापा बढ़ने लगता है, तो ज्यादा वजन से घुटनों, टखनों और कूल्हों पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इससे कार्टिलेज तेजी से घिसती है और सूजन बढ़ती है।

  • यूरिक एसिड बढ़ना - जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है, तो क्रिस्टल बनने लग जाते हैं, जो जोड़ों में जमकर तेज दर्द और सूजन पैदा करते हैं। और इसे गाउट या गठिया कहा जाता है।

  • खराब जीवनशैली - जंक फूड, तला-भुना खाना, शराब, धूम्रपान, कम पानी पीना और देर रात तक जागना, ये सभी आदतें शरीर में सूजन बढ़ाती हैं और गठिया को खराब करती हैं।

  • हार्मोनल बदलाव - मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में जोड़ों का घिसना और सूजन जैसी परेशानियाँ बढ़ जाती है।

  • पोषक तत्वों की कमी - कैल्शियम, विटामिन D, ओमेगा-3 और विटामिन B की कमी से हड्डियाँ कमजोर होती हैं, जिससे गठिया का खतरा बढ़ जाता है।

गठिया बाय में कौन-सा रामबाण इलाज सबसे असरदार माना जाता है?

गठिया बाय का केवल एक ही रामबाण इलाज नहीं होता, लेकिन कुछ तरीके ऐसे भी होते हैं, जो मिलकर दर्द, सूजन और जकड़न को सबसे तेज और असरदार तरीके से कम करते हैं। जैसे: 

  1. वज़न कम करना - गठिया बाय जैसी समस्या में वजन कम करना किसी दवा की तरह ही होता है, क्योंकि कई बार इससे दवाओं से भी ज्यादा आराम मिल सकता है। क्योंकि जैसे ही शरीर का वजन बढ़ता है तो उसका सीधा  दबाव घुटनों, टखनों, कूल्हों और रीढ़ पर पड़ता है। पर वजन कम करते ही जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव हल्का हो जाता है और सूजन भी धीरे-धीरे घटने लगती है। इससे चलना-फिरना आसान महसूस होता है, सीढ़ियाँ चढ़ना कम दर्दनाक लगता है और सुबह की जकड़न काफी हद तक कम हो जाती है। जिससे हम ये भी कह सकते हैं की वजन कम करना गठिया बाय को कंट्रोल करने का सबसे आसान, सुरक्षित और लम्बे समय तक असर देने वाला तरीका है।
    गठिया बाय का रामबाण इलाज | दर्द, सूजन और जकड़न से राहत

  2. खाने में बड़ा बदलाव - खाने में बड़ा बदलाव करना शरीर के अंदर की सूजन को कम करने का सबसे असरदार तरीका माना जाता है। क्योंकि जब आप हल्दी, अदरक, लहसुन, हरी सब्जियों, ओमेगा-3, फल और फाइबर से भरपूर चीजें खाने लगते हैं, तो शरीर खुद ही सूजन को कम करना शुरू कर देता है और धीरे-धीरे जोड़ों की जलन, भारीपन और अकड़न कम होने लगती है। और नियमित तौर पर अच्छे खाने से दवाओं की जरूरत भी कम पड़ती है और लंबे समय तक दर्द लौटकर आने की संभावना घट जाती है। यानी खानपान सुधरते ही गठिया बाय का इलाज आधा अपने आप हो जाता है।

     

 

  1. आयुर्वेदिक तेल मालिश - गठिया बाय में आयुर्वेदिक तेल की मालिश को बहुत  फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह सीधे तरीके से जोड़ों पर असर करती है और दर्द की जड़ यानी सूजन को शांत करती है। और बहुत से लोगों को रात में दर्द ज्यादा होता है, ऐसे में सोने से पहले की मालिश नींद भी बेहतर कर देती है और रातभर जोड़ों को आराम मिलाता है। यह तरीका सुरक्षित, प्राकृतिक और बिना दवा पर निर्भर हुए लंबे समय तक राहत देने वाला माना जाता है।

कौन-सी आदतें गठिया बाय को और खराब करती हैं?

गठिया बाय सिर्फ बीमारी से नहीं, बल्कि हमारी कुछ रोज़ की गलत आदतों से भी ज्यादा खराब हो जाता है।

  1. बहुत कम पानी पीना

  2. लंबे समय तक एक ही पोज़ीशन में बैठना

  3. ज्यादा वजन उठाना या अचानक भारी काम करना

  4. बिल्कुल व्यायाम न करना

  5. बार-बार ठंडी चीज़ें खाना–पीना

  6. अत्यधिक तनाव में रहना

  7. पैरों को बार-बार मोड़कर बैठना

आज इस आर्टिकल में हमने गठिया बाय का रामबाण इलाज के बारे में बताया है, और आपने जाना की कैसे कुछ आसान उपचार से इस समस्या में आपके काम आ सकते हैं, लेकिन आप केवल इन सुझावों पर निर्भर ना रहें समस्या अगर ज्यादा गंभीर है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें, और ऐसे ही आर्टिकल और ब्लॉग्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।

 




FAQ

 

  • कौन सी जड़ी बूटी गठिया से छुटकारा दिलाती है? 
    अश्वगंधा, हल्दी, गुग्गुल और शल्लकी ऐसी प्रमुख जड़ी-बूटियाँ हैं जो सूजन और दर्द कम करके गठिया में राहत देने में सबसे ज्यादा मदद करती हैं।

  • गठिया रोग में क्या परहेज करना चाहिए? 
    गठिया में तला-भुना खाना, ज्यादा नमक, शक्कर, जंक फूड, लाल मांस, शराब, ठंडी चीज़ें और लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचना चाहिए।

  • गठिया रोग में कौन सा जूस पीना चाहिए?
    गठिया में आंवला जूस, हल्दी वाला दूध-जूस मिश्रण, अदरक-नींबू जूस और अलसी या गाजर का जूस पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है क्योंकि ये सूजन कम करते हैं और दर्द शांत करते हैं।

  • चावल गठिया के लिए अच्छा है? 
    गठिया में सफेद चावल ज्यादा फायदेमंद नहीं माने जाते, क्योंकि यह जल्दी शुगर बढ़ाते हैं और शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। Brown rice सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।

Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan – Ayurvedic Expert

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues. With a strong academic background in Ayurveda (BAMS) and years of clinical experience, the blend of Ayurvedic wisdom with practical lifestyle guidance in his treatment approach has helped thousands overcome their health issues.

His USP is not just personalized herbal treatments, but meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms. His friendly nature, clear explanations, and commitment to promoting safe, holistic healing through Ayurveda stand out in the PR dominated world.

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