शुगर एक एसी अवस्था है, जिसमें रक्त में शुगर कि मात्रा बढ़ या सामान हो जाती है। कहा जाता है ये अवस्था केवल एक विशेष उम्र के बाद आती है, पर इसमें कोई सत्य नहीं है, शुगर अब किसी भी उम्र के व्यक्तियों में हम देख सकते हैं, शुगर एक सामान्य बीमारी नही है इसमें आगे चल कर बहुत सी जानलेवा परेशानियाँ भी आ सकती है। शुगर होने के बहुत से कारण होते हैं जिसे 3 वर्गों में बांटा गया है। आज इस आर्टिकल में हम इन सभी चीजों को लेकर विचार करेंगे और ये भी बताएँगे कि आयुर्वेद में शुगर की सबसे अच्छी दवा कौन सी है।
तीन तरह के डायबीटीज
- टाइप 1 डायबीटीज
- टाइप 2 डायबीटीज
- गर्वाव्स्था में होने वाली डायबीटीज
डायबीटीज से होने वाली हानिकारक समस्याएं
- हृदय रोग
- किडनी डैमेज होना
- ऑंखें ख़राब होना
- त्वचा ख़राब होना
- अल्जाइमर
- समय के साथ बहरापन आना
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आयुर्वेद में शुगर की सबसे अच्छी दवा कौन सी है
1. तुलसी

तुलसी में एंटीओक्सिडेंट प्रॉपर्टीज होते हैं जो शर्करा को हमारे रक्त में कम करने में मदद करता है उचित रूप से तुलसी के सेवन के लिए आप तुलसी की चाय या इसके ताज़े पत्ते को सीधा चबा भी सकते हैं।
2. एलोवेरा

एलोवेरा में एक तरह का फाइबर होता है, जिसे ग्लूकोमैनन कहते हैं, ये हमारे रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा को कम करता है, इसके अच्छे प्रभाव के लिए आप इसका सेवन सुबह खली पेट में करें जिससे जल्दी और अच्छा प्रभाव पड़ सकता है।
3. मेथी दाना

शुगर के समय में मेथी को अपने खाने में जोड़ना बहुत अच्छा होता है, क्योंकि मेथी में कुछ एसे फाइबर होते हैं, जो डायबीटीज के समय हमारे ग्लूकोज़ को कंट्रोल करने में हमारी मदद करते हैं, पर मेथी को हमेशा एक उचित मात्रा में ही लें वरना इससे लोगों को पेट से जुडी समस्याएं जैसे दस्त और गैस की परेशानियाँ भी हो सकती है।
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4. गुड़मार

गुड़मार डायबीटीज के लिए एक रामबाण इलाज माना जाता है, ये आंतो (इंटेसटाइन) में शुगर के अब्सोप्स्न को कम करता है, आप गुड़मार को अलग-अलग तरह से भी ले सकते हैं, पाउडर कि तरह या, कैप्सूल और चाय के तौर पर भी।
5. गिलोय

गिलोय में भी अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होते हैं जो डायबीटीज से होने वाली समस्याओं का सामना करती हैं, और डायबीटीज कि वजह से अगर शरीर में कहीं सुजन हो तो उससे भी राहत देने में मदद करती है यही नहीं ये पाचन क्रिया में सुधार और इम्यून सिस्टम को भी बढाता है, आप गिलोय के सेवन के लिए उसकी चाय, काढ़ा या सीधे खा कर भी इसका सेवन कर सकते हैं।
6. नीम

नीम में भी एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होते हैं, जो रक्त में शर्कता के स्तर को कम कर देता है, इसके सेवन के लिए आप इसका जूस और काढ़ा बना क्र भी पी सकते हैं।
7. हल्दी

हल्दी को आयुर्वेद में बहुत ही उत्तम उपचार माना जाता है, इसमें बहुत से गुण होते हैं जो आपके ग्लूकोस को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, ये शुगर से जुड़े कुछ विशेष परेशानियों को जेसे हृदय से जुडी समस्या, किडनी से जुडी समस्या और आँखों की समस्या से भी बचाता है। पर फिर भी हल्दी कभी दवाइयों के स्थान पर नही आ सकता।
निष्कर्ष
दिए गये ईन सभी औषधियों को एक उचित मात्रा अनुसार ही लें, और यदि आप शुगर की दवाइयों के साथ इसे ले रहे हैं, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें, क्योंकि ये सभी हेर्ब्स हमारे रक्त में सुगर के स्तर को कम करने में बहुत काम करता है, इसलिए दवाई के साथ इन्हें लेने से Hypoglycemia, मतलब रक्त में शुगर का लेवल कम भी हो सकता है। आशा है आपको हमारे द्वारा बताये गये ये सभी आयुर्वेद के उपाय सरल लगे होंगे, अंत में एसे ही हेल्थ से रिलेटेड आर्टिकल्स पढने के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।
Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.