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सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

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सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

सूखी खांसी एक ऐसी समस्या है, जो आमतौर पर किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। इस स्वास्थ्य समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जिनका इलाज कई तरीकों के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा को इसका सबसे प्राकृतिक और प्रभावी उपचार विकल्प माना जाता है। इस ब्लॉग में हम सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा के बारे में चर्चा करेंगे। लेकिन, उससे पहले आपके लिए सूखी खांसी के लक्षणों और कारणों के जारे में जानना जरूरी है। इससे आपको किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचने में मदद मिल सकती है।

सूखी खांसी के लक्षण

सूखी खांसी के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:

  • बिना कफ के खांसी आना
  • लगातार खांसी (खासकर रात के समय)
  • गले में दर्द और सूजन
  • गले में खराश और जलन
  • सांस लेने में कठिनाई
  • बहती नाक
  • थकान और कमजोरी

सूखी खांसी के कारण

सूखी खांसी के कई कारण और जोखिम कारक हो सकते हैं, जैसे:

  • सर्दी
  • ज़ुकाम
  • एलर्जी
  • वायरल इंफेक्शन
  • धुम्रपान
  • दवाओं का दुष्प्रभाव
  • अस्थमा

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सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा के कई विकल्प हैं, लेकिन इसका सही उपचार स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। ऐसे ही कुछ कुछ उपचार विकल्पों में निम्नलिखित शामिल हैं:

1. तुलसी के पत्ते

तुलसी के पत्ते - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

सूखी खांसी के लिए तुलसी के पत्ते आयुर्वेदिक दवा का सबसे अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन और जलन को कम करते हैं, जिससे सूखी खांसी की समस्या में राहत मिलती है। साथ ही तुलसी में विटामिन-सी, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। इसके आपको सर्दी, फ्लू और अन्य वायरल इंफेक्शन से भी बचाते हैं।

2. अदरक

अदरक - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

अदरक विटामिन-बी6, सी और मिनरल्स का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा अदरक में जिंजरोल और शोगोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं,  जो न सिर्फ सूखी खांसी को शांत करते हैं, बल्कि आपके गले को भी आराम पहुंचाते हैं। साथ ही अदरक के उपयोग से गले की एलर्जी और गले में महसूस हो रही खिंचखिंच से भी आराम मिलता है।

3. शहद और कालीमिर्च

शहद और कालीमिर्च - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

आयुर्वेद में शहद और कालीमिर्च सूखी खांसी समेत कई समस्याओं का प्राकृतिक उपचार विकल्प है। काली मिर्च में पिपेराइन और एक्सपेक्टोरेंट गुण होते हैं। जबकि, शहद की नरम और शांत करने वाली प्रकृति होती है। शहद और कालीमिर्च दोनों ही आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इनके सेवन से बलगम आसानी से बाहर निकलता है और सांस की नली साफ होती है। इससे आपको, सर्दी, खांसी, गले में खराश और गले की समस्या में भी आराम मिलता है।

4. मुलेठी

मुलेठी - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

मुलेठी एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका प्रयोग मुख्य रूप से सूखी खांसी और गले से जुड़ी समस्याओं के इलाज में किया जाता है। मुलेठी के एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इंफेक्शन और सूजन को कम करते हैं। जबकि, इसके एंटीऑक्सीडेंट्स, जरूरी मिटामिन्स और मिनरल्स आपको स्वस्थ बने रहने में मदद करते हैं।

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5. सौंठ

सौंठ - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

सौंठ में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो गले की सूजन और खराश को कम करते हैं। इससे आपको खांसी और गले में दर्द की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। सौंठ के एंटीबैक्टीरियल गुण आपको किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचाते हैं, जो सूखी खांसी की समस्या का कारण बन सकते हैं। इसके सेवन से बलगम को बाहर निकालने और सांस की नली को साफ करने के साथ-साथ पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और अपच या गैस जैसी समस्याएं भी ठीक होती हैं।

6. दालचीनी

दालचीनी - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

दालचीनी एक मसाला है, लेकिन इसका उपयोग स्वाद बढ़ाने और कई स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार करने के लिए किया जाता है। ऐसी ही एक समस्या है सूखी खांसी। दालचीनी में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। साथ ही दालचीनी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण खांसी के कारण होने वाले इंफेक्शन को नियंत्रित करते हैं, जिससे आपकी सूखी खांसी की समस्या ठीक हो सकती है।

7. हल्दी

हल्दी - सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा

हल्दी को सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, जो कई समस्याओं के लिए एक प्रभावी औषधि हो सकती है। हल्दी में  कर्क्युमिन होता है, जो इसके एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जिम्मेदार होता है। इससे सूजन और सूखी खांसी के कारण होने वाली गले में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं ठीक हो सकती हैं।

निष्कर्ष

इस तरह सूखी खांसी के कई लक्षण और कारण हो सकते हैं, जिन्हें सूखी खांसी की आयुर्वेदिक दवा से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, आप केवल इन उपायों पर ही निर्भर न रहें और समस्या लंबे समय तक बनी रहने पर जल्द डॉक्टर से सम्पर्क करें। अगर आप या आपके किसी परिजन को स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप भी आयु कर्मा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से अपना इलाज करवा सकते हैं। सेहत से जुड़े ऐसे ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें आयु कर्मा के साथ।

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Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan – Ayurvedic Expert

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues. With a strong academic background in Ayurveda (BAMS) and years of clinical experience, the blend of Ayurvedic wisdom with practical lifestyle guidance in his treatment approach has helped thousands overcome their health issues.

His USP is not just personalized herbal treatments, but meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms. His friendly nature, clear explanations, and commitment to promoting safe, holistic healing through Ayurveda stand out in the PR dominated world.

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