ब्रैस्ट में कौन सी गांठ नॉर्मल होती है ?
ब्रैस्ट में होने वाली गांठों से लोग जल्दी परेशान हो जाते हैं, खासकर महिलाएं। देशभर में ज्यादातर महिलाएं ब्रैस्ट कैंसर से जूझ रही हैं और ये मामले हर साल बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन आपके लिए यह जानना भी जरूरी है, कि ब्रेस्ट में होने वाली हर गांठ खतरनाक नहीं होती है। कुछ गांठें बिलकुल नॉर्मल या बिनाइन यानी गैर-कैंसर वाली होती हैं। ये गांठे ज़्यादातर हार्मोनल बदलाव, दूध बनने की ग्रंथियों, या फैटी टिश्यू के कारण बनती हैं।आपके मन में अब सवाल उठ रहा होगा कि ब्रैस्ट में कौन सी गांठ नॉर्मल होती है ? तो चलिए आपको आज इसी बारे में बताया जाए कि ब्रैस्ट में होने वाली कौन सी गांठ कैंसर युक्त नहीं बल्कि साधारण होती है।
आइए जाने ब्रैस्ट में कौन सी गांठ नॉर्मल होती है
1.फाइब्रोएडेनोमा: फाइब्रोएडेनोमा ब्रेस्ट में होने वाली एक ऐसी नॉर्मल गांठ है जो ज्यादातर युवा महिलाओं और किशोर लकड़ियों में पाई जाती है।फाइब्रोएडेनोमा नामक यह गाँठ हार्मोनल बदलाव के कारण बनती है। यह गांठ ठोस और चिकनी होती है। ज्यादातर यह गांठ दर्द नहीं होती। यह गांठ ब्रेस्ट के टिशू में ही रहती है ब्रेस्ट कैंसर की तरह शरीर के अलग अलग भागों में नहीं फैलती।
2.फाइब्रोसिस्टिक चेंजेज़ : यह ब्रैस्ट में होने वाला एक सामान्य और गैर-कैंसरस बदलाव है, जो महिलाओं में होता है। फाइब्रोसिस्टिक चेंजेज़ की गांठें ऐसी महिलाओं में पाई जाती हैं जो प्रजनन योग्य हैं। यह ब्रेस्ट टिशू में हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है। खासकर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उतार-चढ़ाव से। यह गांठ पीरियड्स के समय दर्द कर सकती हैं। इनमें सूजन और भारीपन भी आ सकता है। लेकिन पीरियड्स खत्म होने पर इसके लक्षण भी खत्म हो जाते हैं। इसलिए यह गांठ कोई गंभीर बीमारी नहीं है। लेकिन अगर गांठ ठोस होती जा रही है और इसका आकार बढ़ता जा रहा है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाने में समझदारी है।
3.सिस्ट : ब्रैस्ट में सिस्ट की गांठ दूध की ग्रंथियों में फ्लूइड भर जाने से बनती है। यह गांठ मुलायम भी हो सकती है और सख्त भी। इस गांठ का आकार गोल होता है। इस गांठ में कभी कभी पीड़ा भी हो सकती है। ये गांठे ज्यादातर कैंसर वाली नहीं होती इसलिए इन्हे सौम्य गांठे भी कहा जाता है। सिस्ट वाली गांठ ब्रैस्ट में ही नहीं शरीर के किसी भी हिस्से में बन सकती है।
4.लिपोमा : लिपोमा एक सामान्य और नॉर्मल गांठ है। जो शरीर के किसी भी हिस्से में फैट सेल्स के जमा होने से बनती है। लिपोमा गांठ शरीर के किसी भी हिस्से जैसे बांह ,जांघ ,पीठ ,कंधा और ब्रैस्ट में हो सकती है। यह मुलायम, लचीली और आसानी से हिलने-डुलने वाली होती है। इसका साइज बहुत धीरे धीरे बढ़ता है। लिपोमा की गांठ में कोई दर्द नहीं होता लेकिन अगर यह किसी नस के आसपास है तो दबाव के कारण हल्का दर्द हो सकता है।
5.लैक्टेशनल गांठ : यह गांठ दूध पिलाने वाली महिलाओं के ब्रैस्ट में बनती है। लैक्टेशनल गांठ, जिसे लैक्टेशनल एडेनोमा भी कहा जाता है। यह दूध या दूध जैसे फ्लूइड से भरी होती है। इस गांठ में दर्द नहीं होता लेकिन यह आपको धीरे धीरे बढ़ते हुए महसूस हो सकती है। यह गांठ प्रेगनेंसी या स्तनपान के दौरान हो सकती है। स्तनपान बंद करने के बाद अक्सर यह गांठ अपने आप ही ठीक हो जाती है।
ब्रैस्ट की गांठ नॉर्मल न लगे तो इन बातों पर दीजिए ध्यान
यह सच है कि ब्रैस्ट में होने वाली कई गांठे नॉर्मल होती हैं। इनसे कोई खतरा नहीं होता। लेकिन हर गांठ को हल्के में नहीं ले सकते। अगर ब्रैस्ट की गांठ आपको सख्त और कठोर लगे ,गांठ हिलती डुलती न हो और तेजी से बढ़ रही हो तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। इसके अलावा अगर ब्रैस्ट की गांठ स्किन में गड्ढा या लालिमा ला रही हो तो आप तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। गांठ का आकार बढ़ता जा रहा हो ,निप्पल से खून/पानी जैसा डिस्चार्ज हो रहा हो तो भी यह खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए ध्यान रहे कि ब्रैस्ट में होने वाली गांठ नॉर्मल भी होती है और नहीं भी।
ब्रैस्ट में होने वाली नॉर्मल गांठों के लिए आसान घरेलु उपाय
ब्रैस्ट में होने वाली नॉर्मल गांठे जैसे फाइब्रोसिस्टिक चेंजेज़, सिस्ट, फाइब्रोएडेनोमा या लिपोमा आमतौर पर गंभीर नहीं होती, लेकिन इन गांठों में भी कभी-कभी हल्की सूजन और दर्द हो सकता है। ऐसे में हार्मोनल इंबैलेंस , सूजन और तकलीफ को कम करने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
1. गर्म सेक : हल्के गर्म पानी में तौलिया भिगोकर 10 से 15 मिनट ब्रैस्ट सेक करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। गर्म सेक से सूजन और दर्द भी कम होता है।
2. कैफीन कम करें : अगर आपको गांठ की तकलीफ से राहत चाहिए तो चाय, कॉफी, कोला, चॉकलेट जैसी कैफीन वाली चीज़ें कम लें।

3.हाई-फाइबर डाइट : जिनको ब्रैस्ट में गांठ है उन्हें हरी सब्जियां, फल ,साबुत अनाज ज्यादा खाने चाहिए। इन चीजों का सेवन करने से हार्मोन बैलेंस में रहता है। इससे हार्मोन गड़बड़ी से बनने वाली गांठे नहीं बनती।

4. ढीले और आरामदायक ब्रा पहने: टाइट ब्रा ब्रैस्ट की गांठ का दर्द और सूजन बढ़ा सकती है।

5. आयोडीन युक्त आहार : समुद्री नमक, सी-वीड, अंडा, दही, और दालें खाएं। आयोडीन की कमी से भी ब्रैस्ट टिशू में बदलाव आ सकता है।

6. तनाव कम करें: स्ट्रेस या तनाव आपके हार्मोन बैलेंस को बिगाड़ सकता है। इसलिए इससे बचने के लिए योग, ध्यान, और गहरी सांस की एक्सरसाइज करें। जिससे ब्रैस्ट में नॉर्मल गांठे बनने जैसी कोई समस्या न हो।
आज के इस ब्लॉग में हमने आपको ब्रैस्ट में होने वाली नॉर्मल गांठों के बारे में बताया। साथ- साथ हमने सूक्ष्म रूप से इन गांठों के लक्षणों और कारणों से भी आपको अवगत कराने का प्रयास किया है। यहां कुछ घरेलू उपाय भी दिए गए हैं जिनसे आप दर्द और सूजन में राहत पा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे ब्रैस्ट में होने वाली हर गांठ नॉर्मल भी नहीं होती। आपको जरा भी संदेह हो कि ब्रैस्ट में हो रही आपकी गांठ नॉर्मल नहीं है तो आपको तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
FAQ
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क्या हर ब्रेस्ट में महसूस होने वाली गांठ कैंसर होती है?
नहीं, ज्यादातर गांठ नॉर्मल या बिनाइन (गैर-कैंसर) होती हैं।
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नॉर्मल ब्रेस्ट गांठ का सबसे आम कारण क्या है?
फाइब्रोसिस्टिक चेंजेज़ और हार्मोनल उतार-चढ़ाव।
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क्या ब्रेस्ट में पानी से भरे सिस्ट नॉर्मल होते हैं?
हाँ, फ्लूइड-फिल्ड सिस्ट आमतौर पर नॉर्मल होते हैं इनसे कोई नुकसान नहीं होता।
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फाइब्रोएडेनोमा क्या होता है?
यह एक सख्त, चिकनी, आसानी से हिलने वाली गैर-कैंसर गांठ होती है, जो युवा महिलाओं में आमतौर पर पाई जाती है।

Dr. Puneet Dhawan
Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.
His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.
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