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पूरे शरीर में सूजन का इलाज कैसे करें?

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January 3, 2026| By Dr. Puneet Dhawan
पूरे शरीर में सूजन का इलाज कैसे करें?

पूरे शरीर में सूजन का इलाज कैसे करें? 

शरीर में सूजन को हल्के में न लें:- 

अक्सर कुछ लोगों को चेहरे, हाथ-पैर, पेट या पूरे शरीर में सूजन महसूस होती है जो शुरु में हल्की लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे दिक्कत होने लगती है जब कपड़े तंग लगने लगते हैं, वजन बढ़ जाता है और बॉडी भारी-भारी रहने लगती है। मेडिकल भाषा में इस समस्या को एडिमा कहते हैं। ज़्यादातर लोग इसे थकान, मौसम या नमक ज़्यादा खाने से जोड़कर इग्नोर कर देते हैं, जबकि आयुर्वेद के हिसाब से पूरे शरीर में सूजन किसी गहरे आंतरिक असंतुलन का लक्षण हो सकती है। इसलिए, जल्द ही ये जानना चाहिए कि “पूरे शरीर में सूजन का इलाज कैसे करें?” लेकिन सबसे पहले पूरे शरीर में सूजन के लक्षण, कारण और दूसरी आम जानकारी लेनी चाहिए जो नीचे दी गई है। 
 

आयुर्वेद में सूजन का अर्थ 

आयुर्वेद इस समस्या को सिर्फ़ पानी रुकने की बीमारी नहीं मानता बल्कि आयुर्वेद की नज़र में सूजन दोषों, धातुओं, अग्नि और स्रोतो के बिगड़ने से होती है। आयुर्वेद में शरीर की सूजन को शोथ कहते हैं। यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें शरीर के किसी एक अंग या पूरे शरीर में असामान्य रूप से फ्लूइड इकट्ठा हो जाता है। जब यह सूजन पूरे शरीर में फैल जाती है, तो इसे सार्वांग शोथ कहते हैं। आयुर्वेद मानता है कि शोथ सिर्फ़ बाहरी लक्षण है, जबकि इसका असली कारण शरीर के अंदर के दोषों और स्रोतो में रुकावट पैदा होना है।

पूरे शरीर में सूजन

पूरे शरीर में सूजन का आयुर्वेदिक कारण 

1. कमजोर पाचन - जब जठराग्नि और धात्वाग्नि कमजोर हो जाती है, तो खाना ठीक से पच नहीं पाता। इससे आम यानी जहरीले तत्त्व बनते हैं, जो स्रोतो में जमा होकर सूजन पैदा करते हैं।

2. तीनों दोषों का बैलेन्स बिगड़नापूरे शरीर में सूजन सिर्फ़ एक दोष से नहीं, बल्कि वात, पित्त और कफ तीनों के बिगड़ने से होती है। ख़ासकर कफ दोष का बढ़ना और वात का रुकना इस समस्या को बढ़ाता है।

3. स्रोतोदूषण बॉडी की सूक्ष्म नलिकाओं में जब रुकावट पैदा होती है तब द्रव का फ्लो सही नहीं रहता और बॉडी में पानी रुकने लगता है।

4. ज़्यादा नमक और गलत आहारबासी खाना, तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड या ज़्यादा नमक वाला खाना कफ और आम को बढ़ाकर सूजन पैदा करता है।

5. किडनी और लिवर से जुड़े दोषआयुर्वेद में किडनी और लिवर को फ्लूइड बैलेन्स से जोड़ा गया है। इनके कमजोर होने पर पूरे शरीर में सूजन हो सकती है।

पूरे शरीर में सूजन के ख़ास लक्षण 

  • सुबह उठते ही चेहरा फूला हुआ दिखना

  • अंगुलियों में छल्ले टाइट लगना

  • पैरों पर उंगली दबाने पर गड्ढा पड़ जाना

  • हाथ-पैरों में भारीपन और कसाव

  • भूख कम लगना

  • सांस फूलना और थकावट

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आयुर्वेद के हिसाब से पूरे शरीर की सूजन के प्रकार 

आमतौर पर पूरे शरीर की सूजन के चार प्रकार होते हैं – 

  • कफज शोथ: इसमें ठंडी, भारी और बिना दर्द वाली सूजन होती है।

  • पित्तज शोथ: इसमें सूजन के साथ-साथ जलन, गर्माहट और ज़्यादा प्यास लगने के लक्षण भी दिखाई देते हैं।

  • वातज शोथ: इसमें दर्द, रूखापन और स्किन का रंग बदलने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

  • सन्निपातज शोथ: यह तब होता है जब तीनों दोष बिगड़ जाएँ। इसमें सूजन गंभीर होती है जो पूरे शरीर में फैल जाती है।

पूरे शरीर में सूजन का इलाज कैसे करें? 

नीचे दी गई ये जड़ी-बूटियाँ पूरे शरीर में सूजन की आयुर्वेदिक दवाइयाँ हैं, जिनका इस्तेमाल किसी अनुभवी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लेकर करना चाहिए – 

1. पुनर्नवा मंडूर - यह दवा ख़ासकर तब दी जाती है जब एनीमिया (खून की कमी) के साथ सूजन हो। यह लिवर और प्लीहा के काम को सुधारती है और बॉडी में जमा शोथ को कम करने में मदद करती है।

2. पुनर्नवाष्टक क्वाथ - यह दवा कफ को कम करती है, मूत्र का फ्लो बढ़ाती है और बॉडी में जमा एक्स्ट्रा द्रव बाहर निकालने में मदद करती है। किडनी, लिवर और दिल से जुड़ी सूजन में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

3. गोक्षुरादि गुग्गुल - यह दवा मूत्र तंत्र को मजबूत करती है और पेशाब के ज़रिये एक्स्ट्रा पानी बाहर निकालने में मदद करती है। किडनी से जुड़ी सूजन और पैरों की सूजन में यह उपयोगी मानी जाती है।

4. त्रिफला चूर्ण - यह सीधे सूजन की दवा नहीं है, लेकिन यह आम (टॉक्सिन्स) को खत्म कर अग्नि सुधारती है, जिससे सूजन की जड़ पर असर पड़ता है। हल्की सूजन और खराब डाइजेशन में यह असरदार दवा है।
त्रिफला

5. वरुणादि क्वाथ - यह दवा स्रोतोदूषण को कम करती है और द्रव की रुकावट दूर करने में मदद करती है। ख़ासकर इसका इस्तेमाल पेट और निचले शरीर की सूजन में किया जाता है।

6. चंद्रप्रभा वटी - जब सूजन के साथ पेशाब से जुड़ी दिक्कतें, कमजोरी या हार्मोनल असंतुलन हो, तब यह दवा दी जाती है। यह बॉडी की कई प्रणालियों पर एक साथ काम करती है।

7. शिलाजीत - शिलाजीत शरीर की धातुओं को शक्ति देता है और क्रॉनिक सूजन में मदद करता है। यह दवा आमतौर पर दूसरी औषधियों के साथ दी जाती है।
Shilajit

8. अरोग्यवर्धिनी वटी - अगर सूजन का कारण लिवर या पाचन तंत्र की कमजोरी हो, तो यह दवा बहुत उपयोगी मानी जाती है। यह पित्त और कफ, दोनों को संतुलित करने में मदद करती है।

पूरे शरीर की सूजन की आयुर्वेदिक डाइट 

आयुर्वेद में आहार का ख़ास महत्व होता है। पूरे शरीर की सूजन में आयुर्वेद ईन चीज़ों को डाइट में शामिल करने का सुझाव देता है –  

  • गुनगुना और हल्का खाना

  • मूंग दाल, जौ, दलिया

  • लौकी, तोरी, परवल, कद्दू

  • धनिया, जीरा, सौंफ का पानी

  • पुराना चावल (लिमिट में)

साथ ही कुछ चीज़ों का परहेज़ करें जैसे – 

  • ज़्यादा नमक

  • डेयरी प्रोडक्टस

  • तला-भुना और फास्ट फूड

  • कोल्ड ड्रिंक्स और बर्फ

  • बासी और पैकेट वाला खाना

आज के इस ब्लॉग में हमनें आपको बताया कि पूरे शरीर में सूजन का इलाज कैसे करें? लेकिन, आप सिर्फ़ इस जानकारी या सुझावों पर निर्भर ना रहें। अगर आप या आपके किसी साथी/रिश्तेदार को पूरे शरीर में सूजन की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या आयुकर्मा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूरे शरीर में सूजन का आयुर्वेदिक इलाज लें। यहाँ आपको प्राकृतिक इलाज के साथ-साथ पूरे शरीर में सूजन के लिए हेल्दी डाइट चार्ट और ज़रूरी परामर्श भी दिया जाएगा। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स और आर्टिकल्स के लिए जुड़े रहें आयुकर्मा के साथ।




 

FAQs

  • क्या आयुर्वेद से पूरे शरीर की सूजन जड़ से ठीक हो सकती है? 
    हाँ, आयुर्वेद शरीर के अंदर दोषों का संतुलन बनाकर पूरे शरीर की सूजन को ठीक कर सकता है।
     
  • कब पूरे शरीर की सूजन को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए?
    जब सूजन तेजी से बढ़े, सांस फूलने लगे या पेशाब कम हो जाए।
     
  • पूरे शरीर में सूजन और वजन बढ़ने का क्या संबंध है? 
    जब आम और कफ बढ़ते हैं, तो बॉडी में पानी रुकता है, जिससे वजन बढ़ा हुआ महसूस होता है।
     
  • सुबह उठते ही चेहरे और हाथ-पैर सूजना क्यों होता है? 
    यह कफ दोष बढ़ने और रात में फ्लूइड जमा होने का लक्षण माना जाता है।

 

Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.

His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.

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