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नकसीर आने का कारण

नकसीर क्या है? नकसीर आने का कारण, लक्षण और घरेलू उपाय ...

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July 25, 2025| By Dr. Puneet Dhawan
नकसीर आने का कारण

नकसीर आने का कारण – Nakseer Aane Ka Kaaran

नकसीर; गर्मी की एक आम समस्या – Nakseer; garmi ki ek aam samsya

गर्मियों के मौसम में या बिना किसी चोट के अचानक नाक से खून आना यानी नकसीर (Nakseer) फटना एक आम समस्या है। लेकिन जब यह बार-बार हो, तो चिंता का विषय बन जाती है। बहुत से लोगों को लगता है कि यह केवल गर्मी के कारण होता है, लेकिन इसके पीछे कई और कारण भी छिपे हो सकते हैं। इसलिए, इलाज से पहले नकसीर आने का कारण ठीक से पता होना चाहिए।

नकसीर क्या है – Nakseer kya hai?

नकसीर या नाक से खून बहना (Epistaxis) एक ऐसी स्थिति है जिसमें नाक के अंदर मौजूद खून की नालियाँ फट जाती हैं और खून बाहर आने लगता है। यह खून एक या दोनों नथुनों से आ सकता है।

नाक के अंदर बहुत सारी पतली खून की नालियाँ होती हैं जो गर्मी, चोट, ड्रायनेस या हाई ब्लड प्रेशर के कारण फट सकती हैं। हालांकि नकसीर ज्यादातर मामलों में गंभीर नहीं होती, लेकिन बार-बार होना किसी गहरी समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

नकसीर क्यों आती है? – Nakseer aane ka kaaran

  1. गर्मी और अधिक तापमान: शरीर में गर्मी बढ़ने से नाक की नालियाँ फैल जाती हैं और फट जाती हैं।

  2. नाक में चोट लगना: नाक पर दबाव या चोट लगने से खून आ सकता है।

  3. नाक सूख जाना (Dryness): एसी या गर्मी से नाक की त्वचा सूखने पर नसें फट जाती हैं।

  4. हाई ब्लड प्रेशर: तेज ब्लड फ्लो से नसें फट सकती हैं।

  5. अधिक गर्म चीजों का सेवन: जैसे गुड़, तले-भुने मसालेदार भोजन आदि।

  6. खून पतला करने वाली दवाएं: जैसे एस्पिरिन, ब्लड थिनर।

  7. नाक में इंफेक्शन या एलर्जी: इससे त्वचा कमजोर होकर खून बहा सकती है।

  8. विटामिन K या C की कमी: नसों को कमजोर कर सकती है।

  9. नाक में उंगली डालने की आदत: बच्चों में आम कारण।

  10. हॉर्मोनल बदलाव: मासिक धर्म या गर्भावस्था में हो सकता है।

नकसीर रोकने के घरेलू उपाय – Nakseer roke ke gharelu upaay

  • नाक की जड़ पर ठंडी पट्टी या बर्फ लगाएं।

  • सीधे बैठें और नाक को हल्के से दबाएं, मुंह से सांस लें।

  • धनिया पाउडर या गुलकंद का सेवन करें।

  • आंवले का रस या शर्बत पिएं।

  • देशी घी या गुलाब जल को नथुनों में हल्के से लगाएं।

  • एलोवेरा जूस पिएं, यह शरीर को ठंडक देता है।

नकसीर से जुड़े जोखिम – कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

  • अगर खून 15–20 मिनट बाद भी नहीं रुके

  • अगर बार-बार नकसीर हो रही हो

  • सिर दर्द, चक्कर या धुंधला दिखना लगे

  • अगर नाक के साथ मुंह से भी खून आ रहा हो

  • बहुत अधिक खून बहने की प्रवृत्ति हो

नकसीर से बचने के उपाय – Nakseer se bachne ke upaay

  • गर्मी में सिर पर टोपी या गीला कपड़ा रखें

  • गर्म और मसालेदार भोजन से परहेज करें

  • पानी और तरल पदार्थ अधिक मात्रा में लें

  • नाक को ना छुएं या खरोंचें नहीं

  • नाक के अंदर घी/तेल लगाकर नमी बनाए रखें

  • ब्लड प्रेशर रेगुलर चेक करवाएं

  • विटामिन C और K युक्त आहार लें – जैसे आंवला, नींबू, हरी सब्जियाँ


     

FAQs
 

  • नकसीर आने पर सबसे पहले क्या करें?

           सीधे बैठ जाएं, सिर को थोड़ा आगे झुकाएं और नाक को अंगूठा और उंगली से हल्के से दबाएं। बर्फ की पट्टी माथे या नाक की जड़ पर रखें। मुंह से सांस लेते रहें। लेटना नहीं चाहिए।

  • नकसीर बार-बार क्यों होती है?

           विटामिन C/K की कमी, नाक सूखना, हाई बीपी, और शरीर की गर्मी इसके सामान्य कारण हैं।

  • बिना चोट के नाक से खून क्यों आता है?

           सूखी हवा, एलर्जी, हाई बीपी, दवाएं या इन्फेक्शन इसके पीछे कारण हो सकते हैं।

  • बच्चों में नकसीर क्यों आती है?

           नाक में उंगली डालना, चोट लगना, शुष्क हवा या नाक में वस्तु डालना बच्चों में नकसीर के सामान्य कारण हैं।

आज के इस ब्लॉग में हमने आपको नकसीर आने का कारण बताया। लेकिन आप सिर्फ़ इन सुझावों पर निर्भर ना रहें। यदि नकसीर की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या आयुकर्मा अस्पताल में भारत के बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से इलाज कराएं। हेल्थ से जुड़े ऐसे और भी ब्लॉग्स के लिए जुड़े रहें आयुकर्मा के साथ।

Dr Puneet Dhawan
Ayurvedic Expert

Dr. Puneet Dhawan

Dr. Puneet is a highly respected Ayurvedic expert known for his deep knowledge and compassionate approach towards treating chronic health issues.

His USP is meticulously addressing the root cause of the disease rather than just superficially attending the surface level symptoms.

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K

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