
दमा यानी कि अस्थमा एक आम समस्या हो गई है। आजकल बदलते लाइफस्टाइल और खराब खान-पान की वजह से ये बीमारी छोटे बच्चों को भी होने लगी है। इसमें सांस की कमी, सीने में जकड़न, सांस छोड़ते समय घबराहट, खांसी की वजह से सोने में परेशानी आदि शामिल हैं। अस्थमा के दौरान असंतुलित वात, पित्त, कफ आदि होने लगता है। इसमें सूखी खांसी, चिड़चिड़ापन, बुखार, चिंता, कब्ज जैसी समस्याएं होने लगती हैं, लेकिन दमा की आयुर्वेदिक दवा करने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
दमा के लक्षण
बता दें कि दमा के दौरान सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। अस्थमा के लक्षणों का पता जितना जल्दी चलेगा, उतना ही जल्दी इसका इलाज हो पाता है। वैसे तो दमा के लिए आयुर्वेदिक दवा करके इस समस्या को ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लक्षणों का पता होना जरूरी है। आइए, जानते हैं कि इसके लक्षण क्या है -
- बेचैनी होना
- बार-बार खांसी होना
- नाड़ी गति का बढ़ जाना
- छाती में जकड़ाहट होना
- सांस फूलना
- खांसते समय दिक्कत होना
दमा के कारण
- धूम्रपान करना
- वायरल इंफेक्शन
- वायु प्रदूषण
- धुएं के संपर्क में रहना
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अस्थमा की आयुर्वेदिक दवा
अस्थमा का आयुर्वेदिक दवा करने से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। इस दवा से फेफड़ों को मजबूत किया जा सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वह आयुर्वेदिक दवा कौन-सी है -
1. हल्दी

हल्दी में करक्यूमिन नाम का शक्तिशाली तत्व पाया जाता है, जिसकी वजह से इसका रंग पीला होता है। इसमें औषधीय और एंटी-ऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं, जिससे सूजन को रोका जा सकता है। हल्दी को अस्थमा की देसी दवाई माना जा सकता है।
2. हर्बल टी

दमा के मरीजों को हर्बल टी का सेवन करना चाहिए। इस चाय को बनाने के लिए आप तुलसी, काली मिर्च, अदरक, अजवाइन आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस हर्बल चाय को अस्थमा के लिए आयुर्वेदिक दवा कहा जा सकता है।
3. लहसुन

अस्थमा का सफल उपचार करने के लिए लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सेवन करने से दमा में बहुत आराम मिल सकता है। लहसुन को दमा की आयुर्वेदिक दवा कहा जा सकता है।
4. सरसों का तेल

सरसों के तेल को कई औषधियां बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसे छाती पर लगाकर मालिश करने से बहुत आराम मिल सकता है। इसकी मालिश से फेफड़ों में गर्माहट रहती है, जिससे छाती में जमा हुआ कफ दूर हो सकता है।
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5. अदरक

अदरक को भी दमा की आयुर्वेदिक दवा माना जा सकता है। अदरक का इस्तेमाल करके कई तरह की आयुर्वेदिक औषधियां बनाई जाती हैं। इसके लिए आप अदरक की चाय बनाकर पी सकते हैं या चाहें तो इसे काढ़े के रूप में इस्तेमाल करके इसका सेवन कर सकते हैं।
6. सहजन के पत्ते

आयुर्वेद में सहजन के पत्तों का खास महत्व होता है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। सहजन के पत्तों को डाइट में शामिल करने से दमा की समस्या में आराम मिल सकता है। इसका अस्थमा की आयुर्वेदिक दवा के रूप में उफयोग किया जा सकता है।
7. अजवाइन

दमा का इलाज अजवाइन से भी किया जा सकता है। अस्थमा से पीड़ित होने पर अजवाइन को पानी में उबालें और उसकी भाप लें। ऐसा करने से अस्थमा का जड़ से इलाज किया जा सकता है। अजवाइन को दमा की आयुर्वेदिक दवा के रूप में जाना जाता है।
निष्कर्ष
तो जैसा कि आपने जाना कि अस्थमा के लिए आयुर्वेदिक दवा क्या है? ऐसे में आप इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें।
अगर आपको भी अस्थमा या दमा से जुड़ी किसी तरह की समस्या हो रही है, तो आप अपना इलाज कर्मा आयुर्वेदा में आकर करवा सकते हैं। यहां पर सन् 1937 से किडनी रोगियों का आयुर्वेदक इलाज किया जा रहा है और हाल ही में इसे डॉ. पुनीत धवन संभाल रहे हैं। डॉ. पुनीत न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में किडनी की बीमारी से जूझ रहे रोगियों का इलाज कर रहे हैं, क्योंकि आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। कर्मा आयुर्वेदा डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ही भारतीय आयुर्वेद के सहारे किडनी फेलियर का इलाज कर रहा है।
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